समाज के सिरोमोर कानसिंह मीणा के निधन पर शोक प्रकट करने भोजासर पहुंचे श्री मीन सेना के प्रमुख सुरेश मीणा किशोरपुरा कमिश्नर एमपी मीणा सहित अनेक गणमान्य लोग

-आईएएस कुंजीलाल मीणा आरपीसी सदस्य केसी मीना आईपीएस शिवराज मीना दूदू एसपी  नरेंद्र मीना ने बताया भोजासर को निष्ठावान समाज सेवी

मंडावा। आदिवासी मीणा सेवा संस्थान के सयोंजक वयोवृद्ध प्रमुख समाज सेवी कानसिंह  के निधन पर श्रद्धांजलि देने वालों का उनके पैतृक गांव भोजासर में तांता लगा हुआ है। कानसिंह का गत 5 जनवरी को 82 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनके अंतिम संस्कार में सर्वसमाज के लोग शामिल हुए। उनके निधन के समाचार के बाद उनके घर पर बीते शुक्रवार तक चली सात  दिवसीय  बैठक में दर्जनों जनप्रतिनिधियों और सर्व समाज के प्रमुख लोगो ने उनके चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। समाज सेवी सुरेश मीणा किशोरपुरा बताया कि कान सिंह मीणा झुंझुनूं जिले के मीणा समाज के भीष्म थे उनकी पहचान समाज के गांधी के रूप में थी। उनके द्वारा जीवन पर्यन्त समाज के उत्थान के लिए किए गए बेमिसाल कार्यों को कभी नहीं भुलाया जा सकता। आज वो हमारे बीच नहीं रहे पर उनकी  यादें हमेशा हमारे बीच रहेंगी।

सीनियर आईएएस कुंजीलाल मीणा ने कानसिंह भोजासर को समाज का मसीहा बताते  हुए  कहा कि जब में झुंझुनूं कलेक्टर  के पद पर था वो हमेशा मेरे पास अपने लिए नहीं बल्कि समाज के  विकास और उत्थान के लिए आते  रहते थे। आईएएस आरपीसी सदस्य केसी मीणा ने कहा कि भोजासर  के निधन की ख़बर से में स्तब्ध हूं वे समाज के कोहिनूर थे। झुंझुनूं में मीणा समाज के लिए उन्होने  बहुत कुछ किया। दूदू एसपी नरेन्द्र मीणा सीनियर आईपीएस शिवराज मीणा हरसाय मीणा, जेपी मीणा, बीएल मीणा, सहित कई अधिकारियों ने भोजासर के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि कान सिंह एक समाज को समिर्पत नेक व्यक्ति थे। आदिवासी सेवा संस्थान के जिलाध्यक्ष दिलीप मीणा, मीणा समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष बनवारी लाल मीणा, एससी एसटी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र मीणा, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष रतन मीणा जोधपुरा, पूर्व जिलाध्यक्ष कैप्टन बालू राम मीणा, पूर्व जिलाध्यक्ष मनफूल मीणा, लक्ष्मी नारायण मीणा, फूलचंद रवां, सेवानिवृत थानाधिकारी ब्रजमोहन मीणा, रामचंद्र कोलिंडा, सुरेश मीणा प्रतापपुरा, पूर्व जिलाध्यक्ष सूरजा राम नारसिंघानी, भंवर सिंह भोड़की, हजारीलाल मीणा गुड़ा, प्रकाश मीणा गुड़ा, जगदीश मीणा टोडी, आरएएस अधिकारी रमेश मीणा खटकड़, पूर्व सरपंच से मुकेश मीणा ढिघाल, विधायक रीटा चौधरी, पिलानी विधायक पितराम सिंह कला, एडवोकेट सुभाष मीणा, शंकर लाल मीणा, राजेश मीणा, रामनिवास मीणा, कल्याण सिंह मीणा, मखनलाल मीणा, हरि सिंह मीणा, डॉ रामचंद्र मीणा, राजेश खटाना किशोरपुरा, महेंद्र सिंह शेखावत, उदयपुरवाटी विधायक भगवानाराम सैनी, विधायक बृजेंद्र सिंह ओला सहित कई विशिष्ट लोगों ने मीणा के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। गौरतलब है कि कान सिंह का जन्म 1 फरवरी 1943 में एक सामान्य परिवार में हुआ था। उन्होंने 1964 में शिक्षा विभाग में अध्यापक के पद पर कार्यभार संभाला था।

मीणा पार्ट टाइम उस जमाने में सामाजिक गतिविधियों में हिस्सा लेते थे। सेवानिवृत्ति के पश्चात उन्होंने अपना संपूर्ण समय समाज हित में लगाया। उनकी कई कविताएं दिल को झंकजोर देने वाली हैं । उनके जीवन और संघर्ष की कहानी कुछ अजीब है उनके द्वारा मीणा छात्रावास झुंझुनू लोहार्गल धर्मशाला एवं मीनेश भगवान मंदिर में अहम योगदान रहा। इसी के साथ मीना दीन-हीन वह कमजोर तबके लोगों की मदद करते थे। कान सिंह भोजासर का 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर मीणा छात्रावास झुंझुनू में एक शोक सभा रखी गई है जिसमें भी लोग श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। भोजासर अपने पीछे वीरेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह सहित भरा पूरा परिवार छोड़कर गए हैं।