जतीपुरा में हुआ श्रीराम भक्त कार सेवकों का सम्मान
जतीपुरा, श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास द्वारा जतीपुरा में सभी श्री राम के भक्त कार सेवकों का सम्मान किया गया । इस अवसर पर श्री कृष्ण जन्मभूमि का केस लड़ रहे दिनेश शर्मा फलाहारी ने कहा कि भगवान श्री राम अयोध्या में विराजमान होने वाले हैं, भगवान श्री राम के मंदिर के लिए जिन-जिन कार सेवकों ने संघर्ष किया । पुलिस की लाठियां खाई, उन सभी कार सेवकों का हम घर-घर जाकर सम्मान कर रहे हैं, इसी श्रृंखला में श्रीराम भक्त सम्मान यात्रा जतीपुरा पहुंची है और सभी कार सेवकों को इकट्ठा किया गया है, सभी जतीपुरा के बृजवासियों के सामने, गिरिराज जी के सानिध्य में सभी कार सेवकों को सॉल पहनाकर, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश पाठक ने कहा कि असली लड़ाई तो कार सेवकों ने ही लड़ी है इनका सम्मान होना बहुत जरूरी है, देश में क्रांतिकारियों की कोई कमी नहीं है इस मौके पर प्रोफेसर चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि उस समय मुलायम सिंह की सरकार थी और कार सेवकों पर पुलिस द्वारा लाठियां बरसाई गई थी, किसी भी कार सेवकों द्वारा अपनी जान की चिंता नहीं करते हुए भगवान श्री राम का मंदिर आजाद कराया था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बलराम जी ने कहा कि श्री राम भक्त और श्री कृष्ण भक्त हमेशा सनातन धर्म के लिए कार्य करते रहे हैं और करते रहेंगे, सनातन धर्म सभी धर्म से पुराना धर्म है, प्रदेश सचिव डॉक्टर जमुना ने कहा कि भगवान श्री राम का मंदिर अयोध्या में लगभग तैयार है, अब मथुरा में श्री कृष्ण मंदिर की लिए तैयारी कर रहे हैं, न्यायालय में केस चल रहा है, हम सभी कृष्ण भक्तों की प्रार्थना है कि जल्द से जल्द न्यायालय द्वारा फैसला हो और भगवान श्री कृष्ण का भव्य मंदिर मथुरा में बने। पहली बार कर सेवकों का सम्मान किया गया है।
इस अवसर पर कार सेवकों ने कहा कि 1992 के बाद आज हमको याद किया गया है ,आज हमें बहुत खुशी हो रही है, कार सेवकों की आंखों में खुशी के आंसू भी देखे गए। कार सेवक किरोड़ी चौधरी, नारायण कौशिक, छोटेलाल, कुम्हेरिया, भानु पाराशर, गुड़िया भैया, सियाराम शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा को सम्मानित किया गया।रामपुरोहित ने अतिथियों का दुपट्टा पहना कर स्वागत किया। इस अवसर पर लक्ष्मण ठाकुर, प्रदेश सचिव नरेश ठाकुर, प्रदेश मीडिया प्रभारी, रिचा शर्मा, आशीष शर्मा ,अमन कौशिक, नीतू ठाकुर, अभी सिंह आदि मौजूद रहे।