जयपुर। नेशनल हेराल्ड मनी लॉड्रिंग मामले में बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद भी सोनिया गांधी के समर्थन में उतर गये हैं। वहीं, कांग्रेस ने बुधवार को सत्तारूढ पार्टी पर आरोप लगाया कि मनी लॉन्ड्रिंग कानून को लोगों को निशाना बनाने और अपमानित करने के लिए हथियार बनाया गया है। साथ ही कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से नेशनल हेराल्ड.एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड मामले से संबंधित मामले पर जल्द फैसला करने का आग्रह किया।
कांग्रेस ने सोनिया गांधी के साथ एकजुटता दिखाते हुए अपने वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद को भी मैदान में उतारा और कहा कि राजनीतिक विरोधियों को दुश्मनष्नहीं माना जाना चाहिए।
गौरतलब है कि 75 वर्षीय कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी नेशनल हेराल्ड अखबार से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ का सामना करने के लिए तीसरे दिन प्रवर्तन निदेशालय के सामने पेश हुईं।
आजाद जो कि जी 23 समूह के सदस्य हैं और इन्होंने कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना की थी। उन्होनें कहा कि ईडी को मामले में बार.बार पूछताछ करने से पहले सोनिया गांधी की उम्र और स्वास्थ्य को ध्यान में रखना चाहिए। इस मामले में ईडी पार्टी नेता राहुल गांधी से 50 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रमुख वृद्ध हैं उनकी तबीयत ठीक नहीं है और उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है उन्होंने कहा कि वह जांच एजेंसियों के दबाव को रोक नहीं सकती हैं।
आजाद ने कहा कि यहां तक कि युद्धों में राजा निर्देश देते थे कि महिलाओं पर हमला नहीं किया जाना चाहिए। आजाद ने एजेंसियों से वृद्ध और बीमार सोनिया गांधी पर कठोर न होने का आग्रह किया।
उन्होंने कहाए ष्मैं सरकार और ईडी से इसे ध्यान में रखने का आग्रह करूंगा क्योंकि सोनिया गांधी को इस तरह की एजेंसियों के अधीन करना सही नहीं है।
जी.23 समूह के एक अन्य वरिष्ठ सदस्य और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कहा कि कानूनों का हथियारकरण और लोगों को निशाना बनाने और अपमानित करने के लिए उनका इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।