सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में बीजेपी के 12 विधायकों का निलंबन रद्द किया

जयपुर। सुप्रीम कोर्ट ने आज महाराष्ट्र में बीजेपी के 12 विधायकों पर दुर्व्यवहार के कारण लगा 1 साल का निलंबन रद्द कर दिया है। दरअसल महाराष्ट्र विधानसभा ने बीजेपी के विधायकों द्वारा अध्यक्ष के कक्ष में पीठासीन अधिकारी भास्कर जाधव के साथ दुर्व्यवहार किया करने का आरोप लगाया जिसके बाद 12 बीजेपी विधायकों को साल 5 जुलाई को विधानसभा से निलंबित कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा के 12 विधायकों को एक साल के लिए निलंबित करने के महाराष्ट्र विधानसभा के प्रस्ताव को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा, "विधायकों को सत्र से परे निलंबित करना असंवैधानिक और अवैध है।" सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि नियमानुसार विधायक केवल विधानसभा सत्र के लिए निलंबित हो किये जा सकते हैं। लेकिन 12 विधायकों को सत्र के बाद एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "विधानसभा के प्रस्ताव कानून की नजर में द्वेषपूर्ण हैं और अप्रभावी घोषित किए गए हैं।"
इन विधायकों का हुआ था निलंबन
5 जुलाई को दुर्व्यवहार के आरोप में संजय कुटे, आशीष शेलार, अभिमन्यु पवार, गिरीश महाजन, अतुल भटकलकर, पराग अलवानी, हरीश पिंपले, योगेश सागर, जय कुमार रावत, नारायण कुचे, राम सतपुते और बंटी भांगड़िया को निलंबित किया गया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने इनके निलंबन को रद्द कर दिया है।

विधायकों को निलंबित करने का प्रस्ताव राज्य के संसदीय कार्य मंत्री अनिल परब द्वारा पेश किया गया था और ध्वनि मत से पारित किया गया था। वहीं विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने इन आरोप को झूठा करार दिया और कहा कि भास्कर जाधव घटना का विवरण एकतरफा था। इसमें दोनो पक्षों की बात नहीं सुनी गई थी।