कोटा (संवाददाता शिवकुमार शर्मा) सूचना प्रोद्यौगिकी एवं संचार विभाग के निर्देषानुसार गुरूवार को जिले में ई-मित्र केन्द्रों की मौखिक षिकायतों के आधार पर 32 स्थानों पर आकस्मिक निरीक्षण किया गया जिनमें से 10 केन्द्रों पर अनियमितता पाये जाने पर निष्क्रिय किये जाने की कार्यवाही की गई है।
जांच दल प्रभारी संयुक्त निदेषक मुकेष विजय ने बताया कि जांच दल द्वारा खेड़ली फाटक, रंगपुर रोड, स्टेषन, नयापुरा, कुन्हाडी, सकतपुरा, दादाबाडी, संतोषी नगर, महावीर नगर क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। दल द्वारा 32 ई-मित्र केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि जांच दल में प्रोग्रामर संजय शर्मा, सहायक प्रोग्रामर धीरज कुमार यादव, सहायक प्रोग्रामर आस्था शर्मा एवं सूचना सहायक विकास कुमार उपस्थित रहे।
इन कियोस्क ई-मित्रों पर की कार्यवाही-
उन्होंने बताया कि ई-मित्र कियोस्क कोड के-127123520 के संचालक रविन्द्र कुमार अग्रवाल, (सन शाइन कैफे) गोपाल भवन रंगपुर रोड के कियोस्क पर बोगस ग्राहक बनकर जन आधार बनाने के लिए पूछा गया तो ई-मित्र द्वारा जन आधार में प्रति सदस्य राशि 50 रूपये की दर से कुल 5 सदस्य के 250 रूपये मांगे गये। जबकि राज्य सरकार द्वारा जन आधार का नामांकन निःशुल्क है।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार ई-मित्र कियोस्क के-127216703 के संचालक अनूप कुमार पाण्डे (शॉपटेक कम्प्यूटर्स), पुष्पक कॉम्पलेक्स रंगपुर रोड, ई-मित्र कियोस्क कोड के-12776966 के संचालक निखिल अग्रवाल (अग्रसेन ई-मित्र) रंगपुर रोड पनघट होटल के पास, ई-मित्र कियोस्क कोड के-127143335 के संचालक गोविन्द कुमावत (एसके बुक सेन्टर) बृज टॉकिज के सामने, नयापुरा, ई-मित्र कियोस्क कोड के-127202939 के संचालक अमन सेन, रजत सिटी मॉल के सामने कुन्हाडी पर अधिक राशि लेना पाया गया। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार ई-मित्र कियोस्क कोड के-127123476 के संचालक रविना चावला (त्रिकूटा ई-मित्र) बजरंगपुरा सकतपुरा, ई-मित्र कियोस्क कोड के-127103164 के संचालक सूरज मीणा एरोड्राम चौराहा, ई-मित्र कियोस्क कोड के-23030755 के संचालक मीना अग्रवाल (गर्ग जेरोक्स), दादाबाडी विस्तार पर भी अनियमितता पाई गई। उन्होंने बताया कि ई-मित्र कियोस्क कोड के-23021592 के संचालक चन्द्र शेखर नागर, केशवपुरा-7 एवं ई-मित्र कियोस्क कोड के-12710051 के संचालक नवीन राठौड, महावीर नगर विस्तार कियोस्कों पर बोगस ग्राहक बनकर मूल निवासी/जाति प्रमाण पत्र बनाने की दर पूछने पर ई-मित्र द्वारा राशि 200 से 350 रूपये मांगी गई, जो कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दर से बहुत अधिक है।