तालिबान ने अफगानिस्तान का स्वतंत्रता दिवस मनाया, कहा "दुनिया की सत्ता के अभिमानी" को हराया

जयपुर। गुरुवार को, तालिबान ने अफगानिस्तान का स्वतंत्रता दिवस मनाया। उन्होंने कहा है कि तालिबान ने संयुक्त राज्य अमेरिका यानि दुनिया की सत्ता के अभिमानी को हराया है। एसोसिएटेड प्रेस ने बताया कि अफगानिस्तान का स्वतंत्रता दिवस 1919 की संधि की याद दिलाता है जिसने मध्य एशियाई राष्ट्र में ब्रिटिश शासन को समाप्त कर दिया।
वहीं यूएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान अब उन लोगों और परिवारों को टारगेट कर रहा है जिन्होंने अमेरिका की मदद कर रहे थे। तालिबान ऐसे लोगों पर अत्याचार कर रहा है जो अपने आप को सरेंडर करने से मना कर रहे हैं। ऐसे लोगों पर तालीबानी शरिया कानून के अनुसार मुकदमा चला रहे हैं और उन्हें सजा दे रहे हैं।

वहीं, समाचार एजेंसी एएफपी ने संयुक्त राष्ट्र के खतरे के आकलन सलाहकारों द्वारा एक गोपनीय दस्तावेज का हवाला देते हुए बताया कि तालिबान अपने विरोधियों को ट्रैक करने के लिए घर-घर तलाशी कर रहा है, विशेष रूप से जिन्होंने अतीत में अमेरिका और नाटो बलों की मदद की है। नॉर्वेजियन सेंटर फॉर ग्लोबल एनालिसिस द्वारा लिखी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकवादी काबुल हवाई अड्डे के रास्ते में भी लोगों की स्क्रीनिंग कर रहे थे।
तालिबान द्वारा काबुल पर कब्जा करने के बाद से अब तक हवाई अड्डे और उसके आसपास 12 लोग मारे जा चुके हैं। रॉयटर्स ने तालिबान और नाटो के अधिकारियों के हवाले से कहा है। साथ ही नाटो के एक अधिकारी ने बताया कि रविवार से काबुल हवाईअड्डे से 18,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है।

तालिबान ने की चीन की तारीफ
दूसरी तरफ चीन तालिबान की तारीफ बटोर रहा है। तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने चीनी सरकारी मीडिया से कहा है कि चीन ने अफगानिस्तान में शांति और सुलह को बढ़ावा देने में रचनात्मक भूमिका निभाई है । सुहैल शाहीन ने कहा है कि हम चीन को अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में योगदान देने के लिए स्वागत करते हैं।