जयपुर। जम्मु कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने एक बार फिर से प्रवासी मजदूरों पर हमला किया है। इस हमले में एक प्रवासी मजदूर की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गये हैं। जम्मु कश्मीर पुलिसने जानकारी देते हुए कहा कि आतंकवादियों ने पुलवामा जिले के गदूरा गांव में प्रवासी मजदूरों पर ग्रनेड से हमला किया। आतंकियों ने यह यह हमला अनुच्छेद 370 के निरस्त होने की तीसरी बरसी की पूर्व संध्या पर हुआ है। ऐसे समय पर जम्मु कश्मीर में सुरक्षा हाई अलर्ट पर थी।
आतंकी हमले में मारे गये प्रवासी मजदूर की पहचान बिहार के सकवा पारस निवासी मोहम्मद मुमताज के रूप में हुई है। वही बिहार के ही मोहम्मद आरिफ और मोहम्मद मकबूल इस हमले में घायल हुए हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां, उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
बता दें कि जम्मु कश्मीर में 5 अगस्त, 2019 को उसका राज्य का दर्जा और विशेष संवैधानिक दर्जा छीन लिया गया था। केंद्र सरकार ने जम्मु कश्मीर से धारा 370 को हटा दिया। जम्मु कश्मीर के क्षेत्रीय दल केंद्र सरकार के इस फैसले को जम्मू.कश्मीर के इतिहास में एक काले दिन के रूप में देखते हैं।
धारा 370 हटने के बाद से कश्मीर में लगातार टारगेट किलिंग होती रही है। आतंकवादियों ने कश्मीरी पंडितों और हिंदुओं पर टारगेट हमलों ने एक बड़ी सुरक्षा चुनौती पैदा कर दी है। हजारों कश्मीरी पंडित कर्मचारी और जम्मू के कर्मचारी भी मई और जून में हुए हमलों के बाद कश्मीर घाटी में में नौकरी नहीं कर रहे हैं। कश्मीर पंडितों ने केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताया और उन्हें सुरक्षा देने की मांग रखी। इन लक्षित हमलों के बाद ज्यादातर कर्मचारियों ने घाटी में सुरक्षित महसूस नहीं करने के कारण जम्मू शिफ्ट हो गए हैं। कईं प्रवासी मजदूर भी अपनी नौकरी छोडकर चले गये।