राष्ट्रीय कवि चौपाल, दौसा की 53 वीं काव्य गोष्ठी का धूमधाम से हुआ आयोजन

-कवियों ने सुनाई हास्य, वीर व श्रृंगार रस की रचनाएँ...., लूटी वाहवाही

-सीमा पर जो वीर खड़े है, उनको कर लो याद जरा - कृष्ण सैनी


दौसा। राष्ट्रीय कवि चौपाल, दौसा के तत्वावधान में 53वीं काव्य गोष्ठी का आयोजन पंचायत समिति, दौसा में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जिलाध्यक्ष कवि कृष्ण कुमार सैनी के द्वारा मां शारदे की वन्दना व अतिथियों द्वारा शारदे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई।  कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बाल साहित्यकार अंजीव अंजुम, अध्यक्षता रामकेश दूरदर्शी, विशिष्ठ अतिथि जयपुर से पधारे युवा कवि हितेश शर्मा रहे। सम्मानित शख्सशियत के रूप में गोपाल लाल गुप्ता को माला, दुपट्टा, प्रशस्ति पत्र एवम् प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। सलाहकार बाबूलाल बोहरा ने साहित्यकारों को रचना कसौटी के लिए मार्गदर्शन किया।

राष्ट्रीय कवयित्री सपना सोनी ने "उनके स्वागत में दीपों से सजा अयोध्या धाम"......, राष्ट्रीय कवि चौपाल के जिलाध्यक्ष कवि कृष्ण कुमार सैनी ने "सीमा पर जो वीर खड़े है, उनको कर लो याद जरा"......,    बाल साहित्यकार अंजीव अंजुम ने बृज भाषा में "बिम्ब पूर्ण करने को पूर्णबिम्ब आयो है "...., हितेश शर्मा ने "मम्मी स्कूल में नहीं जाणो"......,  संरक्षक रविन्द्र चतुर्वेदी ने "कोई कुछ क्यों नहीं करता"....., सचिव दिनेश प्रजापति 'तूफानी' ने भूतकाल की करो विदाई नये वर्ष को आने दो".....,  रामकेश दूरदर्शी ने "हालत अपनी जानकर मरने को मजबूर किसान".......,  बाबूलाल बोहरा ने "क्या छूटे क्या प्राप्त करें, नर देह सहेली जानो"......., बृजमोहन मीना ने "गुजरा जमाना हूँ".....,  पुष्पेन्द्र शर्मा ने "जी हाँ! यही आम आदमी का चेहरा है".......,  मुकेश कुमार शर्मा ने "सभी को दिल से नया साल ये मुबारक़ हो"......,  विष्णु पांचाल ने म्हारी रजवाडा री धरणी छै यों न्यारी"......, कैलाश सुमा प्रजापति ने "नूतन वर्ष मुबारक़ अबका सबके हित में खास हो"......,  धर्मेन्द्र कुमार धर्मी ने "ऐसा सुशासन  चाहिए"......,  अनोखी बैरवा ने "ये अंग्रेजी नववर्ष है, ये हमारा नववर्ष नहीं".......,  रामेश्वर प्रसाद करुण ने "वाजपेयी जी राजनीति की गीता हमको थमा गये.....",   कुमार जे संतोष ने "जिन्दगी मौत को चूमकर आ गयी".....,  वन्दना जोन ने "कक्षा-कक्ष पर बेहतरीन व्यंग्यात्मक कविता सुनाई।

राष्ट्रीय मिमिक्री कलाकार अशोक खेडला ने विभिन्न तरह की आवाजें निकालकर मिमिक्री की। काव्य गोष्ठी का मंच संचालन रामबाबू शर्मा राजस्थानी ने किया।   संस्था के संरक्षक रविन्द्र चतुर्वेदी व सलाहकार बाबूलाल बोहरा ने काव्य गोष्ठी में पधारे हुए सभी अतिथियों व कवियों का आभार प्रकट किया।