मुख्यंमत्री ने हवाई सर्वे कर जाने बाढ़ से हुए नुकसान के हालात

ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान

मुख्यंमत्री ने हवाई सर्वे कर जाने बाढ़ से हुए नुकसान के हालात
प्रभावित परिवारों से मिले, नुकसान का सर्वे कराकर त्वरित सहायता के लिए किया आश्वस्त
कोटा 25 अगस्त। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने जिले में अतिवर्षा से बाढ़ प्र्रभावित क्षेत्रों का गुरूवार को जनप्रतिनिधियों के साथ हवाई सर्वे किया तथा राजकीय माध्यमिक विद्यालय मोन्टेसरी नयापुरा में बनाए गए आश्रय स्थल पहुंचकर प्रभावितों से रूबरू हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सूझ-बूझ से जल भराव से प्रभावित क्षेत्रों में कोई जनहानि नहीं हुई। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से रूबरू होकर जल भराव से उत्पन्न स्थिति की जानकारी ली तथा आश्रय स्थल पर की जा रही व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों को विश्वास दिलाया कि उनके घरों में हुए नुकसान का सर्वे कराकर आपदा राहत नियमों के अनुसार त्वरित रूप से सहायता उपलब्ध कराई जायेगी। उन्होंने प्रभावित परिवार से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्राप्त की। जिसमें नेहरू कॉलोनी निवासी मुमताज, गुड्डो, फरीदा, फरजाना तथा खाई रोड़ निवासी कौशल्या सैनी, पार्षद नीलोफर मन्टू ने मुख्यमंत्री को सरकार की विभिन्न योजनाओं से मिल रहे लाभ के बारे में बताया। प्रभावित परिवारों ने खाद्यान्न योजना, मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना से लाभान्वित होने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने आश्रय स्थल में ठहरे सभी नागरिकों से प्रशासनिक व्यवस्थाओं एवं बाढ़ से उत्पन्न स्थिति की जानकारी लेकर शीघ्र ही सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित कराने की बात कही।
सिमरन को दुलार कर बताया शिक्षा का महत्व-
मुख्यमंत्री श्री गहलोत मोन्टेसरी स्कूल के अस्थाई आश्रय स्थल में रूके नेहरू कॉलोनी निवासी बालिका जेबा अहमद व सिमरन के सिर पर हाथ रखकर आत्मीयता से मिले तथा उनसे पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। बालिकाओं को उन्होंने आश्रय स्थल पर भी नियमित पढ़ाई जारी रखने एवं योजनाओं का लाभ लेने की सीख दी। बालिकाओं ने श्रम कल्याण की योजनाओं, खाद्य सुरक्षा योजना सहित अन्य योजना के बारे में बताया। बालिकाओं ने बताया कि प्रशासन द्वारा समय पर सूचना देने से घर में कोई नुकसान नहीं है, आश्रय स्थल पर गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं दी जा रही है।
ईआरसीपी में काम आए व्यर्थ जा रहा पानी-मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि हाड़ौती से चम्बल, कालीसिंध, परवन नदियों का पानी व्यर्थ बहकर सागर में मिलता है। इसका सदुपयोग पूर्वी राजस्थान कैनाल परियोजना में किया जाए तो निश्चित रूप से पूर्वी राजस्थान के 13 जिले सरसब्ज होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने के लिए लगातार मांग की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा 9 हजार करोड़ का प्रावधान किया है, नौनेरा बांध बन चुका है, ऐसे में केन्द्र सरकार को भी आगे आकर इस परियोजना के लिए सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में बड़े बांध बन गए हैं, उनकी सहमति के बाद ही इस परियोजना को शुरू किया गया। 13 जिलों में पेयजल के लिए वर्तमान में इस परियोजना का क्रियान्वयन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सर्वे करवा लिया गया ईआरसीपी में व्यर्थ बहकर जा रहे पानी से भी कम मात्रा में काम लिया जायेगा इससे हमेशा इस क्षेत्र में बाढ़ से होने वाले नुकसान को भी रोका जा सकेगा तथा 13 जिलों की प्यास भी बुझेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सूझबूझ व चम्बल नदी पर बने रिवर फ्रंट के कारण इस बार आवासीय क्षेत्रों में नुकसान नहीं हुआ है। प्रशासन एनडीआरएफ व एसडीआरएफ द्वारा 4 हजार से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा गया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवासीय एवं कृषि में हुए नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। आपदा नियमों के तहत सभी प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने आश्रय स्थलों पर की जा रही व्यवस्थाओं को पानी निकासी तक निरंतर जारी रखने के भी निर्देश दिए।
हवाई सर्वे में देखा नुकसान-
मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने कोटा एयरपोर्ट पर उतरकर जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सा मंत्री व जिला प्रभारी श्री परसादी लाल मीणाा, स्वायत्त शासन मंत्री श्री शांति धारीवाल, विधायक पीपल्दा श्री रामनारायण मीणा, सांगोद श्री भरत सिंह के साथ हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे कर अवलोकन किया। उन्होंने कोटा शहर में चम्बल नदी के आस-पास के क्षेत्रों, सांगोद, ईटावा, दीगोद व कनवास क्षेत्र में पानी भराव स्थलों का सर्वे कर अधिकारियों को नुकसान का आकलन कर शीघ्र सहायता प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।
कोटा के विकास को सराहा-
मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मिलने के बाद शहर के कलेक्ट्रेट सर्किल, एमबीएस व जेकेलोन अस्पताल में निर्माणाधीन ओपीडी, विवेकानन्द सर्किल, अण्टाघर फ्लाई ऑवर, एरोड्रम सर्किल फ्लाई ऑवर के विकास कार्यों का अवलोकन भी किया। उन्होंने स्वायत्त शासन मंत्री द्वारा शहर के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि कोटा का नक्शा बदल कर विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं। उन्होंने चम्बल रिवर फ्रंट के साथ ही चौराहों के सौंदर्यकरण, दुर्घटना रोकने के लिए फ्लाईओवर व अण्डरपास निर्माण की सराहना करते हुए स्वायत्त शासन मंत्री श्री धारीवाल के विजन की सराहना की।
जन प्रतिनिधि व अधिकारियों ने की अगवानी-
मुख्यमंत्री श्री गहलोत के कोटा एयरपोर्ट पहुंचने पर स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल, चिकित्सा एवं जिला प्रभारी मंत्री परसादी लाल मीणा, खान एवं गोपलन मंत्री प्रमोद जैन भाया, विधायक सांागोद भरत सिंह, पीपल्दा रामनारायण मीणा, महापौर मंजू मेहरा, राजीव अग्रवाल ने स्वागत किया।
पुलिस महानिरीक्षक प्रसंग कुमार खमेसरा, जिला कलक्टर ओपी बुनकर, पुलिस अधीक्षक शहर केसर सिंह शेखावत, ग्रामीण कावेन्द्र सिंह सागर सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने अगवानी की। इस अवसर पर पूर्व विधायक रामगंजमण्डी रामगोपाल बैरवा, लाड़पुरा पूनम गोयल, खादी बोर्ड के उपाध्यक्ष पंकज मेहता, उप महापौर पवन मीणा, सोनू कुरैशी, प्रधान लाड़पुरा नईमुद्दीन गुड्डू, अमित धारीवाल, डॉ जफर मोहम्मद, शिवकांत नन्दवाना, राखी गौत्तम सहित जन प्रतिनिधिगण व बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।