चंद घंटों की बारिश से ही शहर हुआ जलमग्न
संवाददाता शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान
मूलभूत सुविधाओं को छोड़ चंद कामों पर हुई धन की बर्बादी:- गुंजल
कोटा:- चंद घंटों की बारिश के बाद ही जहां पूरा शहर जलमग्न हो गया। शहर की कोई गली कोई मुख्य बाजार ऐसा नहीं बचा जहां जलभराव नहीं हुआ हो । शहर की बस्तियों में पानी भरने से जहां लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है वहीं बाजारों में पानी भरने से दुकानदारों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने इसे मूलभूत सुविधाओं को छोड़ स्मार्ट सिटी के पैसों को चंद कामों पर हुई धन की बर्बादी का परिणाम बताया है।
गुंजल ने कहा कि शहर में हो रहे अनियोजित विकास का परिणाम जो जनता आज भुगत रही है भविष्य में इससे भी बड़ी परेशानियों का सामना शहरवासियों को करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम व यूआईटी द्वारा शहर में कई ऐसे काम किए जा रहे हैं जो अनुपयोगी हैं। शहर के बड़े बड़े नालों को तोड़कर आरसीसी के नाले बनाने के नाम पर छोटी-छोटी नालियों का रूप दे दिया गया है जिसके चलते ही शहर में जलभराव की स्थिति बनी है। गुंजल ने कहा कि जहा मंत्री चंद चौराहो, फ्लाईओवर व अंडरपास को ही शहर का चहुमुखी विकास मान रहे हैं। वहीं नगर निगम के दोनों बोर्ड व यूआईटी वार्ड में मूलभूत सुविधाओं को नजरअंदाज कर जनता के धन की बर्बादी कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि बड़े बड़े नालों को नालियों का रूप दिया जा रहा है, कुछ समय पहले बने सीसी रोड़ो पर पुनः डामर रोड़ बनाए जा रहे हैं, पूरा शहर खुदा पड़ा है जिसके चलते शहरवासियों को साडे तीन साल से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नयाखेड़ा मैं फसलों की बर्बादी का जिम्मेदार है न्यास:- गुंजल
नगर निगम कोटा उत्तर के वार्ड नंबर 29 गणेशपाल के नयखेड़ा में रोड निर्माण के दौरान ठेकेदार व न्यास की लापरवाही से नाला जाम होने के कारण दर्जनों खेतों में पानी भरने के कारण 40 से 50 बीघा की फसलों के नष्ट होने का जिम्मेदार नगर विकास न्यास को बताया है। गुंजल ने कहा कि स्थानीय पार्षद व लोगों ने पूर्व में रोड निर्माण के दौरान नाला जाम होने की शिकायत कई बार न्यास अधिकारियों से की परंतु अधिकारियों ने लोगों की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया इसी का परिणाम है कि चंद घंटों की बारिश से ही दर्जनों खेतों में 4 से 5 फुट पानी भर गया व कई किसानों की 40 से 50 बीघा की फसलें बर्बाद हो गई।