जयपुर। राजस्थान में इस बार मानसून के पहले दौर में जमकर बरसात हुई है। मौसम विभाग की मानें तो जो बरसात पिछले 11 साल में 4 महिनों में होती थी उतनी बरसात इस बार मात्र 29 दिन में ही हो गई। राजस्थान में इस बार बारिश ने 11 साल का रिकॉर्ड तोड दिया है। फिलहाल मानसून लगभग एक सप्ताह तक थम गया है। अगले महिने अगस्त में 3 या 4 तारीख को एक बार फिर से एक्टिव हो जायेगा।
धोरों को खूब भिगोया
इस बार मानसूनी बारिश पश्चिमी राजस्थान में खूब मेहरबान रही है। सबसे ज्याद बारिश जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, पाली और जालोर में हुई। श्रीगंगानगर और जोधपुर में तो ऐसे हालात हो गये कि बचाब के लिए सेना का मोर्चा संभालना पडा। इस बार जुलाई में 11 सालों में सबसे अधिक 266 इंच बारिश हुई है। वहीं, अगर पिछले साल जुलाई में हुई बारिश की बात करें तो साल 2015 में जुलाई महिने में 262 इंच बारिश हुई थी और 2017 में 252 इंज बारिश हुई थी।
बांध हुए जलमग्न
प्रदेश में अच्छी बारिश होने के कारण कई बांधों में पानी की जोरदार आवक हुई है। जुलाई में बारिश के दौरान कुल 79 बांधी पानी से लबालब हो गये। जून केवल 2 ही बांध फुल भरे हुऐ थे। बता दें कि राजस्थान में कुल 716 बांध हैं जिनमें अब 79 बांध पूरी तरह से भरे हुए हैं। और 248 बांध अभी भी सुखे पडे हुए हैं।
मौसम विभाग ने अच्छी बारिश होने का कारण बताया कि इस बार मानसून में एक बार भी ब्रेक नहीं लगा। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से मानसूनी हवा लगातार आती रही हैं। क्योंकि मानसून की ट्रफ लाइन नॉर्मल पोजिशिन यानी नॉर्थ की तरफ रहती है। लेकिन इस बार यह खिसककर दक्षिण की तरफ आ गई थी। यही कारण रहा कि इस बार अच्छी बारिश हुई है।