संवाददाता शिवकुमार शर्मा
कोटा |
सांगोद (कोटा) क्षेत्र के मण्डाप में बुधवार को एक साथ करीब डेढ़ सौ सफेद बगुले मरे नजर आए जिससे लोगो मे चर्चा का विषय बनी हुई कि आखिरकार इतने बगुलों की मौत कैसे हुई गांव के बृजराज नागर ने बताया कि गांव में तालाब के पास पीपल का पेड़ है
जिस पर रोजाना करीब दो ढाई सौ की संख्या में बगुले बैठते थे परन्तु बुधवार तड़के जब लोग उठे तो उन्हें पेड़ के नीचे तालाब के आसपास व अन्य जगह मरे बगुले नजर आए तो इसकी सूचना उपखण्ड अधिकारी अंजना सरावत को दी जिन्होंने मोके पर पशु चिकित्सक व वन विभाग की टोली को मण्डाप भेजा
जहा वन विभाग कर्मी रामबाबू मेघवाल दुर्गाशंकर व अन्य ने 60 बगुले को वही गड्डा खोदकर दफना दिया जबकि पांच बगुलों को मौत का कारण जांचने के लिए पशु चिकित्सक मनफूज अली कोटा लेकर गए उसी के बाद पता चल सकेगा कि मौत का कारण क्या रहा लोगो ने बताया कि पहली बार इतनी तादात में बगुले मरने की घटना पहली बार नजर आई है
कोई यहाँ पड़ा तो कोई वहाँ
मण्डाप में एक साथ करीब डेढ़ सौ बगुले मरने के बाद पत्रिका प्रतिनिधि वहाँ पहुंचा तो कोई यहाँ तो कोई वहा पड़ा हुआ था आसपास दूर खेतो तक भी झाड़ियों में मरे हुए बगुले नजर आ रहे थे |