नवरात्रों में प्राचीन शिला माता मंदिर में भक्तों का प्रवेश बंद रहेगा |

यतीश कुमार शर्मा
आमेर |

शारदीय नवरात्रा गुरुवार से शुरू होने जा रहे हैं। गुरुवार को माता के मंदिरों में घट स्थापना की जाएगी। कोरोना गाइडलाइन के चलते इस बार भी प्राचीन शिला माता मंदिर में भक्तों का प्रवेश बंद किया गया है। ऐसे में केवल पुजारी ही घट स्थापना कर पूजा अर्चना करेंगे। आमेर शिला माता मंदिर में 7 अक्टूबर को 11:51 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ घट स्थापना की जाएगी। नवरात्रों के दौरान रोजाना पुजारी ही शिला माता के दरबार में पूजा अर्चना करेंगे। पहले नवरात्र को मां शैलपुत्री की पूजा होगी। दूसरे नवरात्र को ब्रह्मचारिणी माता, तीसरे नवरात्र को चंद्रघंटा माता, चौथे नवरात्र को कुषमांडा माता, पांचवे नवरात्रा को स्कंधमाता, छठे नवरात्र को कात्यायनी माता, सातवें नवरात्र को कालरात्रि माता, आठवे नवरात्र को महागौरी माता और नवे व आखिरी नवरात्र को सिद्धिदात्री माता की पूजा की जाएगी। नवरात्रों में प्रतिदिन दुर्गा सप्तमी का पाठ और हवन किया जाएगा।
शिला माता मंदिर के पुजारी बनवारी लाल शर्मा ने बताया कि शिला माता मंदिर में नवरात्र का आगाज 7 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। घटस्थापना 11:51 बजे पर की जाएगी। पुजारी बनवारी लाल ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि राजस्थान में कोरोना के चलते भक्तो के लिए माता के दर्शन बंद रहेंगे। कृपया श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए मंदिर में नहीं आवे। 12 अक्टूबर को रात्रि 10:00 बजे निशा पूजन होगी। 13 अक्टूबर को शाम 4:30 बजे पूर्णाहुति होगी। 15 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे नवरात्र उत्थापना किया जाएगा।