शिवकुमार शर्मा
बूंदी |
सरकार ने वादा पूरा करना तो दूर वादा याद दिलाने पर दमन करना प्रारंभ कर दिया है। राजस्थान में शासन को बदलें लगभग तीन साल का समय होने जा रहा है तीन साल पहले क्या-क्या सब्जबाग राजस्थान की जनता को दिखाए थे कि हमारा शासन आएगा तो किसानों का सारा कर्ज माफ कर देंगे, किसानों का एक पैसा बिजली पर नहीं बढ़ाएंगे, नौजवानों को साढे तीन हजार रूपए भत्ता देंगे । राजस्थान का किसान व जवान धोखे में आ गया और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आ गई । यह बात आज बूंदी में विद्युत विभाग की मनमानी व किसानों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट पर ग्रामीणों व किसानों के प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कोटा उत्तर पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने कही ।
गुंजल ने कहा कि अब सरकार जनता से किये अपने वादे याद दिलाने वालों पर दमन कर रही है। कोरोना गाइड लाइन के नाम पर लोगों को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर आने से रोक रही है। किसानों को अपना हक व अधिकार मांगने के लिए सरकार को घेरने पर उन पर झूठे मुकदमे लगा रही है । बिजली जैसी मूलभूत सुविधा सरकार जनता को उपलब्ध नहीं करवा पा रही है । उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि झूठे मुकदमे लगाकर एक भी व्यक्ति पर कार्यवाही की तो सरकार की ईट से ईट बजा देंगे । गुंजल ने किसानों को आश्वस्त किया कि वे उनकी लड़ाई में सदैव उनके साथ हैं ।
प्रदर्शन का नेतृत्व संघर्ष समिति के सदस्य व युवा नेता रुपेश शर्मा कर रहे थे प्रदर्शन में दो दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण व किसान एकत्रित हुए जो हायर सेकेंडरी स्कूल से जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे ।
इससे पूर्व सभा को पूर्व नगरपालिका चेयरमैन भगवान लाडला, सिलोर के पूर्व सरपंच उदयलाल गुर्जर, श्योजीलाल मीना, सरपंच मुकेश सैनी, शिवराज कुशवाह, श्योजिलाल धंगाल आदि ने भी संबोधित किया ।
प्रदर्शन के बाद रूपेश शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से मिला व उन्हें ज्ञापन सौंपकर मांग की कि विद्युत विभाग के अधिकारियों की मनमानी पर अंकुश लगाया जाए, ग्रामीण क्षेत्रों में बार-बार बिजली कटौती बंद हो व किसानों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग की गई।