मोहर्रम के 40 वें पर नहीं निकलेंगे जुलूस कोरोना गाईडलाईन की पालना करते हुए सुपुर्दे खाक होंगे ताजिये

शिवकुमार शर्मा
कोटा |

आगामी 40 वें मोहर्रम पर आवागमन एवं कानून व्यवस्थाओं के संबंध में जिला कलक्टर उज्ज्वल राठौड़ की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। जिसमें प्रशासनिक, पुलिस अधिकारी एवं शहर काजी अनवार अहमद सहित प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
जिला कलक्टर ने कहा कि कोरोना अभी गया नहीं इससे बचाव के लिए गाईडलाईन की पालना जरूरी हैं। हमें धार्मिक परम्पराऐं कोरोना गाईडलाईन की पालना करते हुए पूरी करनी है। उन्होंने कहा कि जब तक कोरोना है सभी धार्मिक आयोजनों को सीमित रूप से प्रतिकात्मक किया जाना है जिससे कोविड के संक्रमण को रोका जा सकें। उन्होंने मोहर्रम के ताजियों को 27 व 28 सितम्बर को ठंडे किए जाने के दौरान सीमित रूप से बाहर निकलने तथा प्रशासन द्वारा जारी गाईडलाईन की पालना के लिए समाज के सभी नागरिकों को प्रेरित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि रीट परीक्षा के दौरान भी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों का कोटा आगमन रहेगा। इसलिए 26 सितम्बर को यातायात व्यवस्था भी प्रभावित रहेगी। उन्होंने धार्मिक परम्परा के दौरान अनावश्यक भीड़ से बचने का आव्हान किया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर प्रवीण जैन ने कहा कि ताजियों की स्थापना से लेकर ठंडे किए जाने के दौरान अनावश्यक भीड़ नहीं की जायें। लाईसेंसधारी ही ताजिये को ठण्डा करें जिसमें सीमित मात्रा में लोग शामिल हों। शहर काजी अनवार अहमद ने कहा कि वे सभी नागरिकों को प्रेरित करेंगे कि इसमें केवल प्रतीकात्मक रूप से ही आयोजन करें। ठण्डे किए जाने के दौरान प्रशासन द्वारा निर्धारित संख्या से ज्यादा लोग भाग नहीं लें। मोलाना फजले हक ने भी कहा कि कोरोना गाईडलाईन की पालना की जायेगी। इस अवसर पर अतिरिक्त कलक्टर शहर डॉ. महेन्द्र लोढ़ा, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम अम्बालाल मीणा, उप सचिव यूआईटी मोहम्मद ताहिर, उपाधीक्षक रामकल्याण मीणा, उपाधीक्षक ग्रामीण पुलिस नेत्रपाल, उपाधीक्षक यातायात कालूराम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
ये रहेगी व्यवस्था-
-ताजियों की स्थापना कोविड गाईडलाईन की पालना के अनुरूप की जायेगी।
-5 फीट से अधिक ऊँचाई के ताजियों का निर्माण नहीं होगा।
-शहर में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर ताजियों की स्थापना नहीं की जायेगी।
-ताजियों का मूवमेंट नहीं होगा।
-ताजिया सुपुर्दे खाक के समय ढोल, नगाड़ा, डीजे आदि वाद्य यन्त्रों का उपयोग नहीं किया जायेगा।
-ताजिया सुपुर्दे खाक करने के दौरान 5 से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं होंगे।
-ताजिये निर्धारित दिवस पर रात्रि 8 बजे तक ही सुपुर्दे खाक किए जायेंगे।
-जिला प्रशासन ताजिये सुपुर्दे खाक करने के स्थानों पर रोशनी, नाव, पेयजल आदि की व्यवस्था करेगा।
-जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी ताजिये सुपुर्दे खाक के दौरान गाईडलाईन की पालना की जायेगी।