नहीं थम रही जुबानी जंग, अब शेखावत को निकम्मा बोले गहलोत तो शेखावत ने दे दिया करारा जबाव

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह की जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। इस बार गहलोत ने गजेंद्र सिंह शेखावत को निकम्मा मंत्री कह दिया। और इस पर पलटवार करते हुए शेखावत ने कहा कि कुर्सी जाने के डर से अब ऐसी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं जो एक मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता।

दरअलस ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट (ERCP) को लेकर दोनों के बीच यह जुबानी जंग शुरू हो गई। केंद्रीय जल मंत्रालय के सचिव की ओर से राजस्थान के मुख्य सचिव को ERCP का काम रोकने की चिट्ठी भेजने पर मुख्यमंत्री गहलोत गुस्से में आ गये और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को खरी खोटी सुना दी। इस बात पर ही दोनों आमने-सामने हो गए हैं।

 गहलोत ने शेखावत को निकम्मा मंत्री बता दिया जिसके बाद शेखावत ने गहलोत पर पलटवार करते हुए कहा- कुर्सी जाने के डर से गहलोत के बोल बिगड़े हैं। एक ओर कुर्सी जाने का डर हमेशा उन्हें सताता रहता है, दूसरा राज्य उनसे संभल नहीं रहा है। गहलोत ने पहले पायलट के लिए नाकारा-निकम्मा शब्दों का इस्तेमाल किया। इससे मन नहीं भरा तो मेरे लिए भी उन्हें शब्दों का इस्तेमाल कर दिया है। शेखावत ने कहा कि एक प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस तरह की भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती। गहलोत की भाषा से लगता है कि वे गहरे मानसिक दबाव में है।

पहले पायलट को नाकारा-निकम्मा कहा, अब मुझे बोला
मंत्री शेखावत ने कहा कि इससे पहले जब 2020 में गहलोत की गद्दी जाने की नौबत आई तब सचिन पायलट को उन्होंने नकारा निकम्मा जैसे शब्द कहे। और जब कुछ दिनों पहले राहुल गांधी ने सचिन पायलट के धैर्य और सहनशीलता की तारीफ कर दी तो उन्हें फिर से कुर्सी जाने का डर सताने लगा। ऐसे में मानसिक दबाव में आकर वे ऐसी भाषा का इस्तेमाल मेरे लिए भी कर रहे हैं।