सारी दुनिया देख रही, हम कैसे वचन निभाते है, जब सौगंध राम की खाते है, मंदिर वही बनाते है
•श्री राम राज महोत्सव के तहत झील पूजन, माह आरती सामूहिक हनुमान चालीसा व आतिशबाजी
• 51000 दीपमालिकाओं से सझेगी नोचोकी पाल
राजसमंद । 500 वर्षों के इंतजार के बाद 22 जनवरी 2024 को अभिजित मुहूर्त में रामलला गर्भगृह में विराजमान होंगे। इसे लेकर देश भर में हर संभाव तैयारियां की जा रही हैं। भारत गुरुकुल सेवा संस्थान, राजसमंद व सर्व हिंदू समाज मिलकर 21 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या पर श्री राम राज महोत्सव के तहत ऐतिहासिक नोचौकी पाल पर 51000 दीपकों से स्वस्तिक, कलश, धनुष बाण, ओम, त्रिशूल आदि कई रंगोलियां, मंत्रोच्चार के माध्यम से राजसमुंद्र का पूजन, प्रभु श्री राम, राम दरबार, अयोधया धाम, माँ शबरी, निषादराज, जटायू, वाल्मीकि ऋषि की झांकी के साथ गणेश चौक से नोचौकी पाल व सम्पूर्ण परिसर उद्यान लाइटों से जगमगाएगा व शहर वासियों द्वारा सामूहिक संगीतमय हनुमान चालीसा पाठ व संत समाज द्वारा माहआरती के आयोजन के साथ भव्य आतिशबाजी होगी।
भारत गुरुकुल सेवा संस्थान के सुनील पालीवाल ने बताया कि उक्त आयोजन को लेकर नोचौकी पाल पर बैठक का आयोजन किया गया जिसमें राजसमंद के शहरी क्षेत्र गरियावास, सनवाड़, राजनगर, कांकरोली, कोयड, धोइंदा, जावद, होउसिंगबोर्ड, शंकरपुरा, स्लामपुरा को विभिन बस्तियों में बांटा गया व महिला प्रभारियों को नियुक्त किया गया, महिला प्रभारी प्रत्येक गली मोहल्लों में घर घर सम्पर्क कर टोली बनाएगी व मातृशक्ति को अधिकतम संख्या में कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास करेगी। इस अवसर पर कई सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक, सेवाभावी व व्यायामशाला के संगठनों के पदाधिकारी, सदस्य व कार्यकर्ताओं उपस्थित थे।
• विभिन समितियों का हुआ निर्माण
प्रचार प्रसार समिति , कोष समिति , आईटी समिति, महिला समिति, सुरक्षा समिति, जल समिति, विद्युत समिति, पार्किंग समिति, स्वागत समिति, निमंत्रण समिति आदि आयोजन से जुड़ी समितियों का निर्माण हुआ।
• पर्यावरण से संस्कृति का जुड़ाव
भारत गुरुकुल सेवा संस्थान द्वारा मातृशक्ति की विभिन टोलियां बना कर घर घर आयोजन के लिए सम्पर्क कर अपने साथ आटे के 5 दीपक, कुमकुम, अक्षत्र, रोली के अपनी पूजन थाली साथ लाने का आग्रह किया जा रहा है जिससे आयोजन के बाद उन आटे के दियो को गोलियां बना कर झील में मछलियों को खिलाई जाएगी।