जयपुर। जालौर जिले में दलित छात्र इंद्रसिंह की हत्या के बाद राज्य सरकार द्वारा ₹500000 मुआवजा देने पर सरकार को अपने ही विधायकों ने घेर लिया है। पहले बारां से कांग्रेस विधायक पानाचंद मेघवाल ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया उसके बाद बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए 3 विधायक ने समर्थन वापस लेने की चेतावनी दी है। बसपा से कांग्रेस शामिल हुए वाजिब अली, संदीप यादव और लाखन मीणा ने गहलोत सरकार से समर्थन वापस लेने की चेतावनी दे दी है। विधायक लखन मीणा बोले जो घटना हुआ वह बहुत ही दुखद है और जो सरकार ने मुआवजे का ऐलान किया है वह काफी नहीं है। अगर राज्य सरकार पीड़ित के परिजनों को उचित मुआवजा नहीं देती है तो हम अपना समर्थन वापस ले सकते हैं।
बता दें कि पिछले 3 दिनों में ही सरकार के तीन मंत्री सचिन पायलट समेत दो विधायक और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पीड़ितों के परिवार से मिलने जालौर पहुंच चुके हैं ।
प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, महिला बाल विकास मंत्री ममता भूपेश, मंत्री गोविंद मेघवाल, मंत्री अर्जुन बामणिया और जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के अध्यक्ष पुखराज पाराशर मंगलवार के दिन पीड़ित के परिजनों से मिलने पहुंचे।
प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने परिजनों को ₹2000000 देने की घोषणा की है डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जी ने पीसीसी की तरफ से परिजनों को ₹2000000 की आर्थिक सहायता देने के लिए कहा है इसके अलावा ₹500000 सीएम सहायता कोष से अलग से दिया जाएगा। वही समाज कल्याण विभाग की ओर से चार लाख और अलग से दिए जाएंगे तथा ₹400000 दिए जा चुके हैं।
सचिन पायलट ने भी सरकार पर बोलते हुए कहा की जो उचित हो वह करना चाहिए सिर्फ कानून बनाने कार्रवाई करने और भाषण देने से काम नहीं चलेगा वहीं राज्य एससी आयोग अध्यक्ष खिलाड़ी लाल बैरवा ने कहा कि उदयपुर के मामले में बिना मांगे ही राज्य सरकार ने दो बच्चों की नौकरी लाखों का मुआवजा दे दिया जालौर में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता।