जयपुर। आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दिल्ली के तीनों नगर निगमों के एकीकरण करने की मंजूरी दे दी गई है। इस संसद सत्र में विलय के लिए विधेयक लाया जायेगा। कैबिनेट ने 'दिल्ली नगर निगम संशोधन अधिनियम 2022' को मंजूरी दी। संशोधन अधिनियम मौजूदा तीन निगमों को मिलाकर दिल्ली के एक एकीकृत नगर निगम का प्रावधान करता है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार चल रहे बजट सत्र 2022 के दौरान संसद में बिल पेश करेगी।
बता दें कि दिल्ली निगर निगम के चुनाव अप्रैल में होने वाले थे लेकिन 9 मार्च को राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले केंद्र ने चुनाव आयुक्त एसके श्रीवास्तव को बताया कि निगर निगमों के एकीकरण पर विचार चल रहा है। इसलिए अभी निकाय चुनाव की घोषणा नहीं की जाये।
बता दें कि फिलहाल दिल्ली में पूर्व, उत्तर और दक्षिण तीन नगर निगम हैं। यदि विधेयक को संसद में मंजूरी मिल जाती है, तो यह अप्रैल में होने वाले निकाय चुनावों से पहले तीन एमसीडी पूर्व, उत्तर और दक्षिण का विलय होकर एक नगर निगम बन जायेगा। दिल्ली में एक निगम बनने से भाजपा को मदद मिलेगी, जो पिछले 15 वर्षों से तीनों एमसीडी पर शासन कर रही है, ताकि आप को नगर निकायों में सत्ता में आने की कोशिश कर रही एक उत्साही AAP को रोका जा सके।
वहीं गृह मंत्रालय ने तीनों निगमों को एक करने पर एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की और बताया कि वेतन का भुगतान न करने और संपत्ति और देनदारियों के असमान वितरण के कारण कर्मचारियों द्वारा बार-बार हड़ताल करने से नगर निगमों की आय और व्यय का असंतुलन होता है। दिल्ली में तीन संस्थाओं को एकीकृत किया जा रहा है।