कोटा स्टेशन क्षेत्र की यातायात व्यवस्था चरमराई, यातायात पुलिस ने रसूखदारो के आगे टेके घुटने

कोटा स्टेशन क्षेत्र की यातायात व्यवस्था चरमराई, यातायात पुलिस ने रसूखदारो के आगे टेके घुटने

संवाददाता शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान

कोटा3 जुलाई।कोटा स्टेशन क्षेत्र की यातायात व्यवस्था चरमराई, यातायात पुलिस रसूखदारों के आगे किस कदर घुटने टेकती है, यह सड़कों पर यहां-वहां खड़े होने वाले वाहन बताते हैं, जो आधी सड़क पर कब्जा जमाए रहते हैं। मेहरबानी इतनी कि न तो सड़कों से वाहन उठाए जाते हैं और न ही चलान की कार्रवाई होती है।

सबसे ज्यादा खराब हालत भीमगंजमंडी थाने के पास, बजरिया चौराहा, दोनों मुख्य बाजार पर सड़कों के किनारे वाहन मालिक अपने वाहन पार्क करके चले जाते हैं। इससे हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। दुकानों के बाहर जमे वाहनों की वजह से आम लोगों का निकलना मुश्किल होता है। शिकायतों के बाद भी लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।

स्टेशन के प्रमुख बाजारों से होकर गुजरने वाले मार्गों पर इस कदर बेतरतीब तरीके से वाहनों की कतारें लगीं नजर आती है कि इन सड़कों से गुजरने वालों को रोजाना जाम की परेशानी से होकर गुजरना पड़ता है। अवैध पार्किंग की शिकायतें होती हैं लेकिन स्थानीय थाना और यातायात पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती। सड़कों की चौड़ाई वैसे ही कम है। रही-सही कसर वाहन पूरे कर देते हैं।

होती है खानापूर्ति-

बाजारों में सड़कों के किनारे वाहनों को लेकर पुलिस द्वारा कभी-कभार अभियान चलाया जाता है। वह भी खानापूर्ति के लिए। अभियान में रसूखदारों को तो बख्श दिया जाता है। आम आदमी को यहां भी तकलीफ झेलनी पड़ती है।

व्यवस्था चरमराई-

देखा जाए तो शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। अधिकारियों की सुस्ती और कार्यप्रणाली तय न होेने के कारण सड़कों पर यातायात बाधित रहता है। इसी सुस्ती के कारण वाहन मालिक भी सड़कों के किनारे वाहन खड़े करके चले जाते हैं। इससे आम आदमी परेशान रहता है, वहीं वाहन मालिक इसमें अपनी शान समझता है।