जयपुर। टीएमसी प्रमुख और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान से दूर रहेंगी। बता दें कि आगमी उपराष्ट्रपति चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा के उम्मीदवार बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ हैं।
उपराष्ट्रपति का चुनाव 6 अगस्त को होगा। जगदीप धनखड़ के विपक्षी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की दिग्गज नेता मार्गरेट अल्वा हैं।
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने विपक्षी एकता को ताजा झटका दिया है, जब शिवसेना और झामुमो जैसी पार्टियों ने कहा कि वे भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ का सपोर्ट कर रहे हैं।
ममता बनर्जी के भतीजे अभिजीत बनर्जी ने कहा कि पार्टी ने सर्वसम्मति से धनखड़ या मार्गरेट अल्वा का समर्थन नहीं करने का फैसला किया है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने संवाददाताओं से कहा "एनडीए के उम्मीदवार को सपोर्ट देने का सवाल ही नहीं उठता। जिस तरह से विपक्षी उम्मीदवार का फैसला बिना उचित परामर्श और विचार-विमर्श के एक पार्टी के साथ किया गया, जिसके दोनों सदनों में 35 सांसद हैं, हमने सर्वसम्मति से फैसला किया है। मतदान प्रक्रिया से दूर रहेंगे।
गौरतलब है कि बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ के बीच पिछले तीन वर्षों में लगातार संघर्ष चल रहा है। ममता बनर्जी ने राज्यपाल पर केंद्र में भाजपा के कहने पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया है।
सूत्रों के मुताबिक शत्रुतापूर्ण संबंधों के बावजूद, धनखड़ ने बनर्जी का समर्थन मांगा। दोनों की मुलाकात हाल ही में दार्जिलिंग में हुई थी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी मौजूद थे।