जयपुर। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने आज अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। और इस इस्तीफा के कुछ देर बाद ही त्रिपुरा का नया मुखीया भी चुन लिया गया है। भाजपा ने राज्य में विधानसभा चुनाव से ठीक एक साल पहले डॉ माणिक साहा को उनके प्रतिस्थापन के रूप में नियुक्त किया। डाू मणिक साह, जो पेशे से एक दंत चिकित्सक हैं, पिछले महीने ही राज्यसभा सांसद के रूप में चुने गए थे और वे भाजपा के त्रिपुरा प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।
बिप्लब कुुमार ने आनन-फानन में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई और उन्होंने साहा के नाम की घोषणा की और कहा कि वह नए मुख्यमंत्री को सहयोग देंगे। मंत्री राम प्रसाद पॉल ने इस प्रस्ताव का विरोध किया, जिससे विधायकों में मारपीट हो गई। स्थिति शांत होने से पहले पॉल ने कुछ कुर्सियों को भी तोड़ दिया। जमीन पर कुर्सी पीटने और चीखने-चिल्लाने का उनका एक वीडियो सामने आया है। पॉल कथित तौर पर त्रिपुरा के तत्कालीन शाही परिवार के सदस्य, उपमुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा को राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में चाहते थे।
भाजपा विधायकों का एक वर्ग यह दावा करते हुए नाराज है कि उनसे सलाह नहीं ली गई और केंद्रीय नेतृत्व ने मनमाने ढंग से निर्णय लिया। भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव और विनोद तावड़े विधायक दल के नेता के चुनाव के पर्यवेक्षक थे।
अगले मुख्यमंत्री बनने के बाद साहा ने संवाददाताओं से कहा, "मैं पार्टी का एक आम कार्यकर्ता था और आगे भी रहूंगा।" 69 वर्षीय डेंटल सर्जन से राजनेता बने भाजपा शासित पूर्वोत्तर राज्य की इकलौती सीट से 31 मार्च को राज्यसभा के लिए चुने गए।
अगरतला में त्रिपुरा मेडिकल कॉलेज और बीआर अंबेडकर मेमोरियल टीचिंग अस्पताल के विभाग के प्रमुख और प्रोफेसर डॉ साहा 2016 में भाजपा में शामिल हुए। वह त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं।