जयपुर। भारत के मुख्य न्यायधाीश एनवी रमना आगमी 26 अगस्त को कार्यकाल पूरा हो जायेगा। ऐसे में देश के 49 वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में उन्होंने केंद्र सरकार को न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित की सिफारिश भेजी है। वर्तमान सीजेआई एनवी रमना ने आज औपचारिक रूप से केंद्रीय कानून मंत्री को उनके नाम की सिफारिश की। उदय उमेश ललित भारत के मुख्य न्यायधीश के रूप में मात्र 74 दिन कार्य करेंगे। क्योंकि 8 नवंबर को उनकी उम्र 65 वर्ष हो जायेगी ऐसे में वे केवल 74 दिन ही इस पद पर रहेंगे। बता दें कि जस्टिस एनवी रमना ने पिछले साल अप्रैल में एसए बोबडे के स्थान पर भारत के मुख्यन्यायधीश का पद संभाला था। उनका कार्यकाल 16 महीने से अधिक का रहा है।
जस्टिस उदय उमेश ललित के बाद जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ देश की न्यायपालिका के प्रमुख बन सकते हैं। डीवाई चंद्रचूड के पिता जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़ भी भारत के सबसे लंबे समय तक सीजेआई बने थे। जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़ ने 1978 से 1985 तक सात साल देश के मुख्य न्यायधीश के रूप में सेवा की थी। वहीं, अब तक का सबसे छोटा कार्यकाल न्यायमूर्ति कमल नारायण सिंह का रहा है कार्यकाल मात्र 17 दिनों का रहा था।
बता दें कि जस्टिस यूयू ललित ने अपने कार्यकाल में कई ऐतिहासिक फैलसे सुनाये हैं जिनमें फैसला ट्रिपल तलाक शामिल हैं। मुसलमानों समुदाय में ट्रिपल तलाक फैसला काफी सुर्खियों में रहा था। अगस्त 2017 के फैसले में पांच.न्यायाधीशों के संविधान द्वारा ट्रिपल तलाक को 3-2 के बहुमत से अवैध और असंवैधानिक बताया गया था। इस फैसले को तत्कालीन सीजेआई जेएस खेहर और जस्टिस एस अब्दुल नजीर छह महीने के लिए टालने चाहते थे लेकिन जस्टिस कुरियन जोसेफ, आरएफ नरीमन और यूयू ललित ने इस प्रथा को संविधान का उल्लंघन बताया। जस्टिस खेहर, जोसेफ और नरीमन तब से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
इसके अलावा जस्टिस उदय उमेश ललित ने पॉक्सो अधिनियम के तहत उच्च न्यायालय के दो फैसलों को खारिज करने वाले एक फैसले में न्यायमूर्ति ललित की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने फैसला सुनाया कि बच्चे के शरीर के निजी अंगों को छूना या शारीरिक संपर्क से जुड़े किसी भी कार्य को यौन शोषण माना जायेगा।