जयपुर। ऐसा लग रहा है कि देश में अप्रत्याशित बिजली का संकट गहराने वाला है। और इसका कारण बना रहा है खदानों से कोयले की आवाजाही में व्यवधान। दरअसल देश में बारिश के कारण कोयले के खदानों में पानी भर गया है, इसलिए कोयले की पर्याप्त मात्रा में आपूर्पि नहीं हो पा रही है। इसी कारण बिजली संयत्रों पर उत्पादन क्षमता में कमी आ गई है। बता दें कि देश के 135 कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्रों में से आधे से अधिक, जो देश की कुल बिजली की लगभग 70 प्रतिशत आपूर्ति करते हैं, के पास दो दिनों से कम का ईंधन भंडार है। ऐसे में बिजली कमी का संकट मंडरा रहा है। ऐसे में राजस्थान, गुजरात, आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों में बिजली कटौती का सामना करना पड़ सकता है।
इन राज्यो में हो सकती है बिजली की कटौती
पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के एक अधिकारी ने शनिवार को कहा कि कोयले की कमी के कारण कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्र कम क्षमता पर चल रहे हैं। इसलिए पंजाब में बिजली कटौती देखी जा सकती है। वहीं, राजस्थान में भी रोजाना एक घंटे बिजली कटौती हो रही है। तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन (टैंजेडको) ने कहा कि शहर में रखरखाव का काम करने के लिए चेन्नई के कुछ हिस्सों में बिजली बंद कर दी जाएगी। आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश प्रतिदिन लगभग 185-190 मेगा यूनिट (एमयू) की ग्रिड मांग को पूरा कर रहा है। APGENCO द्वारा संचालित बिजली उत्पादन स्टेशनों, जो राज्य की ऊर्जा जरूरतों का लगभग 45 प्रतिशत आपूर्ति करते हैं, के पास मुश्किल से 1 या 2 दिनों के लिए कोयले का स्टॉक होता है और इनसे उत्पादन आगे प्रभावित हो सकता है।