केन्द्रीय रेल राज्यमंत्री द्वारा आरपीएफ की भव्य परेड को सलामी
ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा
कोटा राजस्थान
कोटा 20 सितम्बर,रेलवे सुरक्षा बल ने 20 सितम्बर 2022 को जगजीवन राम रेलवे सुरक्षा बल अकादमी, लखनऊ में केन्द्रीय स्तर पर पहली बार परेड आयोजित करके अपना 38 दो स्थापना दिवस मनाया केन्द्रीय रेल एवं कपड़ा राज्यमंत्री श्रीमती दर्शना विक्रम जरदोश ने इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत किया एवं भव्य परेड की सलामी ली। इस कार्यक्रम में बृजलाल, सांसद राज्यसभा, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य सरकार के विभागों, रेलवे के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। आरपीएफ के महानिदेशक संजय चंदर ने रेल राज्य मंत्री का स्वागत किया तथा उन्होंने अपने संबोधन में आरपीएफ द्वारा सुरक्षित ट्रेन यात्रा सुनिश्चित करने के साथ- साथ रेल गाड़ियों एवं स्टेशनों पर मानव तस्करी, नशीले पदार्थों के परिवहन, हवाला मनी, प्रतिबंधित वन्य जीव तथा अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने के लिये किये जा रहे सराहनीय कार्यों के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होनें बल के विजन-2047 का उल्लेख किया तथा कहा कि हम अमृत काल में प्रवेश कर चुके हैं, जो 2047 तक चलेगा, जिसके दौरान हमें भारत को उस गौरव के शिखर पर ले जाने के लिये अपने दिल और आत्मा से काम करना होगा जिसकी वह हकदार है बी. जधिनराज, सीनियर कमांडेंट ने परेड की कमान संभाली परेड के बाद बल सदस्यों द्वारा विभिन्न मार्शल आर्ट के प्रदर्शनों का आयोजन किया गया जिसमें आरपीएफ की कोरस (रेलवे सुरक्षा के लिये कमांडो) इकाई ने वाहन हस्तक्षेप, वीआईपी सुरक्षा, मार्शल आर्ट (Krav Maga) इत्यादि में अपने प्रशिक्षण कौशल का प्रदर्शन किया जबकि दक्षिण रेलवे की आरपीएफ महिला कर्मियों की एक टीम ने निहत्थे युद्ध और जूडो में कौशल का प्रदर्शन किया। एक अन्य प्रदर्शन में मध्य रेलवे की एक टीम द्वारा एक स्पेशल रायफल शो का भी प्रदर्शन किया।
रेल राज्यमंत्री ने 23 आरपीएफ कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिये राष्ट्रपति पुलिस पदक, भारतीय पुलिस पदक, सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, उत्तम जीवन रक्षा पदक और जीवन रक्षा पदक प्रदान किया। सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक मरणोपरांत श्री ज्ञानचंद, प्रधान आरक्षक, उत्तर मध्य रेलवे को प्रदान किया गया जिन्होंने आत्महत्या करने के इरादे से चलती ट्रेन के सामने कूदने वाली एक महिला को बचाते हुये ड्यूटी की वेदी पर अपना जीवन बलिदान कर दिया। माननीय रेल राज्य मंत्री श्रीमती दर्शना विक्रम जरदोश ने अकादमी कैंपस में 100 फीट ऊंचे स्मारकीय राष्ट्रीय ध्वज का उद्घाटन किया और राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा ट्रेन हस्तक्षेप प्रशिक्षण के लिये इंजन के साथ एक रेलवे कोच की स्थापना का अनावरण किया। इसके अलावा माननीय रेल राज्यमंत्री ने आजादी के अमृत महोत्सव के विशेष अवसर पर रेल सैनिक ई-मैगजीन के विशेष संस्करण का विमोचन भी किया। माननीय रेल राज्य मंत्री ने आरपीएफ के परेड एवं साज-सज्जा की प्रशंसा के साथ-साथ महिला यात्रियों को सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित कराने में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा निभाई जा रही भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने लंबी दूरी की ट्रेनों में अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिये रेलवे सुरक्षा बल की "मेरी सहेली' टीमों की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने किसी भी संगठन के प्रदर्शन में सुधार के लिये प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन की प्रमुख भूमिका को रेखांकित किया और आरपीएफ में प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ाने के लिये 55 करोड़ रूपये की मंजूरी की घोषणा की।
उन्होनें तृतीय वाहिनी, आरपीएसएफ, लखनऊ में 3 करोड़ की लागत का एक कौशल उन्नयन प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने के संबंध में घोषणा किया जो आरपीएफ के बल सदस्यों के परिवारों विशेष कर महिलाओं के कौशल उन्नयन हेतु प्रशिक्षण देगा। इसके अलावा उन्होंने देशभर में 75 स्थानों पर महिला आरपीएफ ट्रेन स्कॉटिंग कर्मियों के लिये विश्राम आश्रय- सह- मोबिलाइजेशन हॉल के निर्माण की घोषणा की। आरपीएफ का केन्द्रीय स्थापना दिवस समारोह सायं काल में आयोजित एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ समाप्त हुआ जिसमें देश के विभिन्न कोनों से आये हुये बल सदस्यों ने अनेकता में एकता का प्रतिनिधित्व करने वाले एक बल के राष्ट्रीय चरित्र के अनुरूप अपनी विभिन्न सांस्कृतिक परम्पराओं का मधुर प्रदर्शन किया।