जयपुर। यूपी लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में कल सुप्रीम कोर्ट केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने की मांग वाली याचिका पर फैसला सुनायेगी। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना की अध्यक्षता वाली पीठ सोमवार को सुबह 10:30 बजे अपना फैसला सुना सकती है।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 4 अप्रैल को आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने की मांग करने वाली किसानों की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
बता दें कि इससे पहले इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने आशीष मिश्रा को जमानत देने का फैसला सूनाया था जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। सुप्रीम कोर्ट ने आशीष मिश्रा को जमानत देने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा था कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घावों की प्रकृति जैसे अनावश्यक विवरण में नहीं जाना चाहिए था, जबकि अभी जांच पूरी नहीं हो पाई है।
इस मामले की पिछली सुनवाई पर पीठ ने किसानों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे और प्रशांत भूषण की दलीलों पर ध्यान दिया था कि उच्च न्यायालय ने व्यापक आरोप पत्र पर विचार नहीं किया बल्कि एफआइआर पर भरोसा किया जिसमें केवल एक आदमी को गोली लगने की बात कही गई थी।
राज्य की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने कहा था कि आरोपी के भागने का जोखिम नहीं था और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उच्च न्यायालय द्वारा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सहित तथ्यों पर ध्यान देने के बाद जमानत दी गई थी, जिसमें मृतक की गोली से चोट का संकेत नहीं था।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हेमा कोहली की विशेष पीठ ने भी इस तथ्य पर कड़ा संज्ञान लिया था कि राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ अपील दायर नहीं की थी जैसा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त एसआईटी द्वारा सुझाया गया था।