स्वामी विवेकानंद के आदर्शो पर चलकर राष्ट्र निर्माण में सहयोग करें युवा - न्यायाधीश
राजसमन्द। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आज एडीआर भवन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) मनीष कुमार वैष्णव, राजसमंद की अध्यक्षता में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर स्वामी विवेकानंद के जीवन आदर्शों पर चलने हेतु प्रेरित किया गया। न्यायाधीश ने जीवन के दृष्टांतों को बताते हुए कहा कि हमें समस्याओं से नहीं भागना चाहिए, बल्कि उनका डटकर सामना करना चाहिए उन्होंने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को जीवन मे उतारने हेतु प्रेरित किया तथा युवाओं को उनकी ऊर्जा को देश निर्माण में लगाने हेतु आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि किसी भी देश का युवा उस देश के विकास का सशक्त आधार होता है, लेकिन जब यही युवा अपने सामाजिक और राजनैतिक जिम्मेदारियों को भूलकर विलासिता के कार्यों में अपना समय नष्ट करता है तब देश बर्बादी की ओर अग्रसर होने लगता है। हमारे देश में 35 वर्ष की आयु तक के 65 करोड युवा है अर्थात् हमारे देश में अथाह श्रमशक्ति है।
देश की युवा शक्ति को उचित मार्ग दर्शन देकर उन्हें देश की उन्नति में भागीदार बनाने की, उनमें अच्छे संस्कार, उचित शिक्षा एवं प्रोद्यौगिक विशेषज्ञ बनाने की, उन्हें बुरी आदतों जैसे नशा, हिंसा इत्यादि से बचाने की आवश्यकता है क्योंकि चरित्र निर्माण देश व समाज की उन्नति के लिए परम आवश्यक है। अंत में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के बताये गये आदर्श ’’उठो, जागो और तब तक मत रूको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए’’ पर चलने हेतु प्रेरित किया। अक्षिता खांडल व चेतन बागोरा क.स. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने भी इस दिवस पर अपने विचार व्यक्त किए।