बूंदी में सिलकोसिस बीमारी रोकथाम के लिए ‘सिलिकोसिस केयर’ की शुरूआत -सीएमएचओ ने खनन क्षेत्रों में पहुंचकर श्रमिकों को कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां बताई
बूंदी में सिलकोसिस बीमारी रोकथाम के लिए ‘सिलिकोसिस केयर’ की शुरूआत
-सीएमएचओ ने खनन क्षेत्रों में पहुंचकर श्रमिकों को कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां बताई
ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा
बूंदी राजस्थान
बून्दी, 4 जनवरी। बूंदी जिले में सिलिकोसिस बीमारी की रोकथाम के लिए जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी की पहल पर खनन क्षेत्रों में श्रमिकों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही सिलिकोसिस पीड़ितों को राज्य सरकार की योजनाओं से राहत देने के लिए प्रयास तेज किए गए है। इसी कड़ी में जिला कलक्टर के निर्देश पर सिलिकोसिस केयर की शुरूआत की गई है।
सिलकोसिस केयर के अन्तर्गत प्रथम पखवाड़े में जागरूकता के लिए जिले में सभी 13 चिन्हित हॉट स्पॉट पहुंचकर श्रमिकों को सिलकोसिस बीमारी के लक्षण एवं रोकथाम की जानकारी दी जा रही है। इसके तहत बुधवार को धनेश्वर एवं सूतड़ा में सिलकोसिस जागरूकता एवं रोकथाम के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी सामर ने श्रमिकों को कार्य के दौरान मास्क पहनने, पानी के साथ पत्थर की कटिंग या ड्रीलिंग करने के लिए समझाईश की गई। साथ ही श्रमिकों को धूम्रपान छोड़ने के लिए प्रेरित भी किया।
इस दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. कुलदीप मीना ने भी श्रमिकों को सिलकोसिस रोग के प्रारम्भिक लक्षणों एवं बचाव के उपाय की जानकारी दी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक राकेश वर्मा ने सिलकोसिस मरीजों के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी गई। खनन अभियंता केतन प्रकाश एवं के.आर. ताखर द्वारा खदान मालिकों को सिलकोसिस रोकथाम के साथ खनन कार्य करवाने एवं रोकथाम हेतु जरूरी संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए भी निर्देश दिए गए।