OBC आरक्षण से संबधित 127वां संशोधन विधेयक 2021 लोकसभा में पारित, राज्यों के मिलेंगे ये अधिकार

जयपुर। मंगलवार को निचले सदन यानि कि लोकसभा में ओबीसी से संबंधित 127 वें संविधान संशोधन विधेयक 2021 को मंजूरी मिल गई है। लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 385 मत पड़े हैं। इस बिल के विपक्ष में एक भी मत नहीं पड़ा है। वहीं आरएसपी के सांसद एन के प्रेमचंद्रन और शिवसेना के सांसद विनायक राउत ने इस बिल को अस्वीकार कर दिया।
राज्य और केंद्र शासित राज्यों को मिलेंगे ये अधिकार
इस बिल के मंजूरी के बाद अब राज्य सरकार और संघ राज्य क्षेत्र सामाजिक तथा शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों की स्वयं सूची तैयार कर सकेंगे। इसका मतलब है कि जो 2018 के संविधान संशोधन 102 में ओबीसी में जातियों को जोड़ने और हटाने का अधिकार केंद्र सरकार ने अपने पास रखा था उसे अब फिर से राज्यों और केंद्र शासित राज्यों को दे दिया है। अब राज्य और केंद्र शाशित राज्य अपने अनुसार ओबीसी में नई जातियां जोड़ सकते हैं और हटा सकते हैं।
इन अनुच्छेदों में होगा संशोधन
नया बिल लोकसभा और राज्यसभा में पारित होने के बाद राष्ट्रपति इस पर दस्तखत कर देता है तो यह विधेयक कानून का रूप ले लेता है। इस विधेयक के मंजूरी के बाद यह
105 वां संविधान संशोधन होगा। और अनुच्छेद 342A, अनुच्छेद 338B और अनुच्छेद 366 में संशोधन किया जायेगा।
विधेयक पास होने के लिए कितना बहुमत चाहिए
कोई भी विधेयक जब लोकसभा या राज्य सभा में पेश किया जाता है तो सदन के कुल सदस्यों की संख्या या उस समय सदन में उपस्थित मत देने वाले सदस्यों की संख्या के कम से कम दो तिहाई बहुतम से पारित होना चाहिए। विधेयक लोकसभा में पारित होने के बाद सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ वीरेंद्र कुमार सभी दलों के समर्थन मिलने पर धन्यवाद कहा है।