जनजाति उपयोजना अन्तर्गत 15 दिवसीय सिलाई मशीन प्रशिक्षण सम्पन्न

‘‘जनजाति उपयोजना अन्तर्गत 15 दिवसीय सिलाई मशीन प्रशिक्षण सम्पन्न’’
बून्दी,
1 दिसम्बर। कृषि विज्ञान केन्द्र की ओर से आयोजित जनजाति उपयोजना अन्तर्गत 15 दिवसीय असंस्थागत सिलाई मशीन प्रशिक्षण हिण्डोली तहसील के फतेहगढ़ गांव में सम्पन्न हुआ। सिलाई मशीन प्रशिक्षण का आयोजन जनजाति उपयोजना अन्तर्गत गोद लिए गए गांव फतेहगढ़ में हुआ। इसमें गांव की 24 महिला प्रतिभागियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष प्रोफेसर हरीश वर्मा ने गांवों में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सिलाई मशीन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. कमला महाजनी ने बताया कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सिलाई मशीन प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे अपनी आय बढ़ा सके। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को चाक बनाना, रफ्फू करना, सिलाई करना, ब्लाउज व पेटीकोट तैयार करना, साड़ी के फाल लगाना, अस्तर लगाना, छोटा टांका बनाना, बड़ा टांका बनाना, सलवार कुर्ता तैयार करना आदि सिखाया गया। प्रशिक्षण के समापन पर सभी महिलाओं को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। प्रशिक्षण का समापन जनजाति उपयोजना नोडल अधिकारी डॉ. घनश्याम मीणा के उद्बोधन से हुआ।
प्रशिक्षण प्रभारी ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए सर्वे के दौरान पाया गया कि फतेहगढ़ गांव की महिलाओं को स्वयं के वस्त्र सिलवाने के लिए शहर जाना पड़ता है। सभी मापदण्डों को देखते हुए 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य प्रशिक्षक संतोष माहेश्वरी व अनिता जाखड़ ने महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण दिया। देवली को रावे की छात्राओं (ग्रामीण उद्यमिता जागरुकता विकास योजना) मनीषा, हेमा, रानी मीणा ने अपनी भागीदारी निभाई व महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण देकर सशक्त करवाया।

ब्यूरो चीफ शिवकुमार शर्मा
बूंदी राजस्थान