जयपुर। लखीमपुर में हुई हिंसा के बाद बीजेपी सांसद वरूण गांधी ने लगातार किसानो के समर्थन में ट्वीट्स किये और ये ट्वीट्स करना और किसानों के समर्थन में बोलना गांधी को भारी पड़ गया। वरूण गांधी ने लखीमपुर खीरी की घटनाओं की निंदा की और घटना के जांच करने और दोषियों को सजा देने की मांग की थी। आज बीजेपी ने 80 सदस्यीय भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की नई सूची जारी की जिसमें वरुण गांधी और उनकी मां मेनका गांधी के नाम हटा दिए गए। वहीं सूत्रों ने कहा कि इस तरह के बदलाव एक नियमित अभ्यास हैं।
वरुण गांधी एकमात्र भाजपा नेता थे जिन्होंने इस मुद्दे को उठाया, जिसमें भाजपा के एक केंद्रीय मंत्री के बेटे पर हत्या का आरोप लगाया गया है। बीजेपी के कनिष्ठ गृह मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा से न पूछताछ की गई है और न ही गिरफ्तार किया गया है।
समाचार एजेंसी एएनआई के माध्यम से उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा है कि यूपी के अन्य वरिष्ठ नेता हैं जो उनके स्थान पर परिषद का हिस्सा बने हैं। वहीं अन्य नेताओं ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि पीलीभीत के सांसद वरूण गांधी का रुख शीर्ष नेतृत्व के साथ अच्छा नहीं रहा।
एएनआई ने कहा, "उन्होंने इस तरह पेश किया जैसे पूरी गलती नेताओं की है। हम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और मानते हैं कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी। उन्हें ऐसे समय में सांसद को धैर्य रखना चाहिए था जब पूरा विपक्ष पार्टी को निशाना बना रहा हो।।
केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के दौरान वरुण गांधी लगातार किसानों के समर्थन में बोलते रहे हैं। उनकी मां मेनका गांधी को भी किसानों के प्रति सहानुभूति रही है।