जयपुर। बडगाम में एक कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट की हत्या के एक दिन बाद, जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। सभी कर्चमारियों ने सामूहिक इस्तीफा देने की धमकी दी है। सूत्रों के मुताबिक अब तक 350 से अधिक हिंदू कर्मचरियों ने अपना इस्तीफा उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के पास भेज दिया है। कश्मीरी पंडित घाटी में काम कर रहे समुदाय के सदस्यों ने सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। कश्मीरी पंडितों ने यह भी कहा कि अगर उन्हें जम्मू में सुरक्षित रास्ता नहीं दिया गया तो वे सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे।
बता दें कि आतंकियों ने कल 2010-11 में प्रवासियों के लिए विशेष रोजगार पैकेज के तहत क्लर्क की नौकरी पाने वाले राहुल भट को चदूरा शहर में तहसील कार्यालय के अंदर आतंकवादियों ने गोली मार दी थी।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने राहुल भट के परिजनों से मुलाकात की और परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, 'राहुल भट के परिजनों से मुलाकात की और परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। दुख की इस घड़ी में सरकार राहुल के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। आतंकवादियों और उनके समर्थकों को उनके जघन्य कृत्य के लिए बहुत भारी कीमत चुकानी होगी।
राहुल भट की पत्नी ने कहा “वह कहते थे कि हर कोई उनके साथ अच्छा व्यवहार करता है और कोई भी उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकता। फिर भी किसी ने उसकी रक्षा नहीं की, उन्होंने (आतंकवादियों ने) किसी से उसके बारे में पूछा होगा, अन्यथा, उन्हें कैसे पता चलेगा। ” वहीं, भट के पिता ने हत्या के पीछे के मकसद की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने सरकार के लिए अपनी जान दे दी।