कृषि समिति की बैठक आयोजित

कोटा 20 फरवरी। कृषि विकास के कार्यक्रमों के प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण, उद्देश्यपरक एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिये जिला स्तरीय कृषि समिति, जिला स्तरीय शिकायत निराकरण समिति व जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक जिला कलक्टर डॉ रविन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में  मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई।


जिला कलक्टर ने ‘मेरी पॉलिसी मेरे हाथ’ के लिए लगाए जा रहे शिविर में शत प्रतिशत कृषकों तक पहुंचने के लिए बैंकर्स को निर्देशित किया। उन्होंने कहा शिविर में कार्य योजना बनाकर कृषकों तक पहुंचा जाए एवं उनको पॉलिसी वितरित की जाए। नेशनल मिशन फॉर सस्टेनेबल एग्रीकल्चर, मृदा स्वास्थ्य प्रयोगशाला से संबंधित आवश्यक दिशा निर्देश प्रदान किए गए। उन्होंने कहा बीज मिनीकिट वितरण में यह ध्यान रखा जाए कि प्रत्येक कृषक तक किट पहुंचे ऐसा ना हो की कोई भी कृषक किट पाने से वंचित रहे। उन्होंने बुवाई के लिए दिए जाने वाले प्रशिक्षण में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। पाइपलाइन, तारबंदी, फार्म पॉन्ड कृषि यंत्र के भुगतान के लिए भी आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए।

जिला कलक्टर ने कहा कि जैविक खेती कृषक पुरस्कार के लिए जिले में जैविक कृषि करने वाले कृषकों को चिन्हित किया जाए एवं उनको प्रेरित किया जाए व जिला एवं राज्य स्तर पर पुरस्कार के लिए अधिकाधिक नामांकन भेज प्रोत्साहन प्रदान किया जाए। कृषि में अध्यनरत छात्राओं को प्रोत्साहन राशि देने के लिए कलक्टर ने कृषि विभाग को सीनियर सेकेंडरी एजुकेशन विभाग से समन्वय कर सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में कृषि में अध्यनरत छात्राओं की सूची प्राप्त करने के लिए निर्देशित किया और कहा की कृषि क्षेत्र में विकास के लिए सरकार कृत संकल्पित है एवं योजनाओं का लाभ शत प्रतिशत कृषको एवं छात्राओं तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कृषि में जल संरक्षण की समस्त कार्यक्रमों को गंभीरता से लिया जाए एवं उसका गुणवत्ता पूर्ण प्रशिक्षण दिया जाए।

अतिरिक्त कलक्टर शहर बृजमोहन बैरवा ने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार किया जाए एवं प्राकृतिक व जैविक खेती के लिए कृषकों को ज्यादा से ज्यादा प्रोत्साहित किया जाए।

बैठक में सयुंक्त निदेशक कृषि खेमराज शर्मा ने जिले में फसलों की स्थिति, वर्षा के कारण पैदावार पर पड़े प्रभाव, बीज एवं यूरिया की उपलब्धता एवं आपूर्ति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक में उपनिदेशक उद्यानिकी आनंदी लाल मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे। जिला उद्यानिकी विभाग द्वारा ड्रिप, फव्वारा, मधुमक्खी पालन इन्नोवेटिव पोट्रे, पीएम कुसुम योजना, ग्रीनहाउस, प्याज भंडारण कार्यक्रमों की जानकारी भी विस्तार से दी।