जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शांति और कानून के शासन पर भाजपा के विश्लेषण का जवाब दिया है। सीएम गहलोत ने कहा कि हमने राज्य में एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य कर दिया है. इस प्रकार मामलों की मात्रा का विस्तार हुआ है। मुझे एहसास है कि मामलों की संख्या में वृद्धि होगी। इसके बावजूद राज्य में प्राथमिकी दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया। हम ओवररिएक्ट नहीं करेंगे। बीजेपी के नेताओं के पास कोई काम नहीं है. वर्तमान में इस जंगल राज के नेता न जानें कौन-कौन से जुमले गढ़ रहे हैं
सीएम गहलोत ने कहा कि हमने एक शानदार आर्थिक योजना पेश की। मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के तहत लोग इलाज की मांग नहीं कर रहे हैं। भाजपा के लोग हमारी पसंद से घबराए हुए हैं। उनके पास कोई काम नहीं है। अगले चुनाव में आप क्या लेकर जाएंगे? वर्तमान में यही कानून का राज है। यह जंगल का स्वामी है। ये जुमले गढ़ की बात कर रहे हैं। व्यक्ति सब कुछ समझते हैं। सीएम गहलोत ने कहा कि आम जनता में उत्साह है। अच्छे प्रशासन की भी अनुभूति होती है। इसी तरह वह हमारा उत्साह कर रही है।
सीएम गहलोत ने राजधानी जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में आयोजित दो दिवसीय DIGI महोत्सव में शिरकत की. इस दौरान सीएम गहलोत ने मीडिया से बातचीत की. सीएम गहलोत ने कहा कि इस देश को कोई और नहीं बल्कि युवा बदल सकते हैं। युवाओं को किसी भी क्षेत्र में बदलाव मिल सकता है। राजीव गांधी 40 साल की उम्र में देश के प्रधानमंत्री बने। राजीव गांधी देश में कंप्यूटर क्रांति लाए थे। वर्तमान में हमने आईटी के क्षेत्र में काफी प्रगति की है। राज्य का भाग्य शानदार है। सीएम गहलोत ने कहा कि युवाओं को याद कर निम्न व्यय योजना बनाई जाएगी। कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम अशोक गहलोत मुख्य सचिव उषा शर्मा और प्रमुख सचिव वित्त विभाग अखिल अरोड़ा भी मौजूद थे। उत्सव में भारी संख्या में युवाओं ने भाग लिया।
गौरतलब है कि प्रदेश की विपक्षी पार्टी भाजपा लगातार कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साध रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने पुष्टि की कि गहलोत के राज में हिंदू सुरक्षित नहीं है। साधु संतों पर हमले हो रहे हैं।। दलितों पर हमले और बर्बरता की घटनाएं जारी हैं. भाजपा ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर शांति व्यवस्था और कानून व्यवस्था के कमजोर होते शासन को चुनौती देने की बात कही है.