देहदान करने वाली पिंकी छाबड़ा का शव मेडिकल कालेज को सौंपा - जिला कलक्टर ने जताया देहदान के लिए आभार

बूंदी, 29 दिसंबर। जिले के केशवरायपाटन के वार्ड संख्या 9 निवासी पिंकी छाबड़ा पत्नी स्व. परमजीत छाबड़ा ने अपना शरीर दान करने का संकल्प लिया था। शुक्रवार को 53 वर्षीय पिंकी छाबडा की मृत्यु होने के बाद पुत्र शुभम छाबडा, पुत्रवधु छाया छाबडा एवं स्वजनों ने शरीर को खुशी-खुशी विदा किया।  

             
पिंकी छाबड़ा ने मृत्यु उपरांत देहदान का संकल्प-पत्र भर रखा था। उनके पुत्र शुभम छाबडा, पुत्रवधु छाया छाबड़ा एवं परिवारजनों ने मां की इच्छा का सम्मान किया। शुक्रवार शाम पिंकी छाबडा के पार्थिव शरीर को पुत्र शुभम ने बूंदी के मेडीकल कॉलेज के लिए रवाना किया। पुत्र शुभम ने मां को अंतिम विदाई दी।  
             
जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने पिंकी छाबड़ा को श्रृंद्धाजलि देते हुए कहा कि बूंदी जिले में मेडीकल कॉलेज के लिए पहला देहदान हुआ है। इससे मेडिकल के विद्यार्थियों को शोध में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह दुख की घडी है। देहदान के उनके फैसले के लिए पूरा बूंदी जिला उनका आभारी है।
              
पिंकी छाबड़ा का मृत शरीर आवश्यक कार्यवाही के बाद मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया गया। मेडिकल कालेज के प्रोफेसर डॉ. विजय नायक चिकित्सक ने बताया मेडिकल कालेज के छात्र उनके शरीर पर शोध करेंगे। शरीर दान की इस मुहिम से आमजन में जागृति आएगी। आमजन भी इस कार्य की सराहना कर रहे हैं।
              
भारत विकास परिषद के सचिव दिनेश सेन ने बताया कि मृतका के पुत्र शुभम छाबड़ा, पुत्रवधु छाया छाबड़ा एवं परिवार की सहमति से शाइन इंडिया फाउंडेशन के माध्यम से मानव सेवार्थ एवं मेडिकल कॉलेज विद्यार्थियों के अनुसंधान एवं रिसर्च के लिए देहदान संकल्प पत्र भरकर भारत विकास परिषद को दिया। मृतका ने पहले ही देहदान व नेत्रदान करने का संकल्प ले रखा था। इस दौरान प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभाकर विजय भी मौजूद रहे।