पाली 5 जुलाई सोमवार को शादी की खुशियां मातम में बदली जिसकी होनी थी 18 को शादी उस ने लगाई फांसी,
बूढ़े पिता ने बेटी को फंदे पर झूलते देख रो रो के हुआ बुरा हाल।
परिवार की हर सदस्य की जुबान पर एक ही सवाल तूने हमें क्यों नहीं बताया ममता कोई दिक्कत थी बोलती हम जरूर तेरा साथ देते।
तखतगढ़ थाने के पावा मठ निवासी छोगाराम पुत्र मालाराम सीरवी की 18 वर्षीय बेटी ममता सीरवी ने सोमवार सुबह घर के कमरे में फांसी लगा ली। परिजनों से उपचार के लिए कोसेलाव अस्पताल ले गए लेकिन बीच राह में उसने दम तोड़ दिया पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपने की कार्यवाही की तथा मौत के कारणों की तलाश में जुटी है पुलिस मामले की जांच कर रही ताकि खुदकुशी का पता चल सके।
ममता की 18 जुलाई को शादी थी परिवार उसकी तैयारियों में जुटा था ममता की सगाई दौलतपुरा गांव निवासी दुदाराम सीरवी से हुई थी। दोनों ही परिवारों में शादी की तैयारी चल रही थी।
लेकिन कल सुबह ममता की आत्महत्या के बाद सब कुछ धरा का धरा रह गया।
छत पर सो रही थे सभी, 5:30 बजे नीचे कमरे में आई ममता, पिता छोगाराम ने बताया कि परिवार के सभी सदस्य छत पर सो रहे थे सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे ममता छत से नीचे कमरे में आई, वो भी उठ गए थे ममता से पूछा कि नीचे क्यों आई तो बोली सर्दी लग रही थी इसलिए कमरे में सोने आ गई इसके बाद वे सोच करने निकल गए कुछ देर बाद वापस आए तो कमरे का दरवाजा बंद नजर आया खिड़की में जाकर देखा तो ममता फंदे पर लटकी दिखी इस पर उन्होंने ममता की मां फूली देवी को आवाज लगाई तुरंत ममता को कोसेलाव अस्पताल ले गए लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
ममता का यह कदम उठाने से उसकी बूढ़ी मां फूली देवी व पिता छोगाराम का रो रो कर बुरा हाल हो गया मां फूली देवी कह रही थी कि ऐसी कौन सी समस्या थी जो अपनी मां को भी नहीं बता सकी ऐसा कदम उठा लिया वही बुड्ढे जोगाराम कर रहे थे कि अब समाज को क्या जवाब देंगे, शादी के कार्ड तक बढ़ गए और ममता ने अपना आत्मघाती कदम उठा लिया दोनों को उनके परिजन व रिश्तेदार शांत कराने में जुटे थे।