बून्दी के सर्वेश तिवारी का अमेरिकन मनोवैज्ञानिक संगठन हेतु चयन, वैश्विक मनोवैज्ञानिक मंच में हुए शामिल

संवाददाता शिवकुमार शर्मा
बूंदी|

सबसे बड़ी व प्रतिष्ठित मनोवैज्ञानिक संस्था अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन ने बून्दी के सर्वेश तिवारी का शिक्षक श्रेणी की मानद सदस्यता हेतु चयन कर उन्हें इस वर्ष वैश्विक मनोवैज्ञानिको की सूची में शामिल किया है जिसके माध्यम से तिवारी वैश्विक मंच से जुड़कर अंतरराष्ट्रीय मनोवैज्ञानिक समस्याओं पर शोध कर सकेंगे।


इंडियन स्कूल साइकोलॉजी एसोसिएशन (इंस्पा) से सक्रिय रूप से जुड़े असिस्टेंट प्रोफेसर सर्वेश तिवारी लेखन, अनुसंधान, निर्देशन व परामर्श कार्यक्षेत्र के साथ अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सहभागी रहे हैं । एपीए के अध्यक्ष डॉ जेनिफर एफ केली व अभिलेख सचिव डॉ डायना एल प्रेसकॉट ने तिवारी को संस्था का सदस्यता प्रमाण पत्र, मेम्बरशिप आईडी नम्बर व परिचय पत्र जारी कर स्वागत किया व बधाई दी। तिवारी भौतिकता के दौर में सोशल मीडिया के साये में खोखला होता बचपन, मनोवैज्ञानिक रूप से कमजोर होकर लड़खड़ाते किशोर तथा कोविड महामारी के परिप्रेक्ष्य में मनोवैज्ञानिक मार्गदर्शन व परामर्श विषयों पर लेखन व शोध अध्ययन कर रहें हैं।


मनोवैज्ञानिक चिंतन व अनुसंधान के इस मंच के माध्यम से दुनियाभर के मनोवैज्ञानिक नवीन परिप्रेक्ष्य में ग्लोबल रिसर्च व शोध कार्य करते हैं। इस वर्ष संस्था द्वारा साइकोलॉजी क्षेत्र में चयनित सक्रिय व्यक्तियों को आमंत्रित कर अपनी मानद सदस्यता प्रदान की गयी है। वाशिंगटन स्थित अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन (एपीए) एक सो तीस वर्ष पूर्व 1892 में स्थापित हुई थी संस्था मनोवैज्ञानिक क्षेत्र में विशिष्ट , नवीन मौलिक शोध हेतु अनुसंधानकर्ताओं को मंच प्रदान करती है। तिवारी ने उपलब्धि को दायित्वपूर्ण बताते हेतु सभी का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि वे अपने शोध के साथ इस मंच का सदुपयोग स्थानीय स्तर पर बालक बालिकाओं व किशोरों के निर्देशन व परामर्श के साथ मनोवैज्ञानिक विकास हेतु करने का प्रयास करेंगे।