जातिवादी पुलिस अधिकारी को पुलिस महानिदेशक पद पर नहीं लगाने की सरकार से की मांग

भरतपुर, समता आंदोलन समिति  ने संभागीय आयुक्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन दिया गया।ज्ञापन में मांग की गई है कि रवि प्रकाश मेहरडा कट्टर जातिवादी पुलिस अधिकारी हैं जो कि सर्वोच्च न्यायालय, प्रमुख ग्रहसचिव एवं पुलिस महानिदेशक के लिखित आदेशों की अवहेलना करते हुए एक अविधिक परिपत्र जारी करके राजस्थान में एट्रोसिटी एक्ट के अधीन एफ आई आर दर्ज होते ही गिरफ्तारी को अनिवार्य करने का आदेश जारी किया ,जिससे प्रदेश के सैकड़ों निरपराध लोगों को अविधिक यंत्रणाओं का दंश झेलना पडा । मेहरडा द्वारा सामान्य व ओबीसी वर्ग के अनेक निरपराध लोगों को एट्रोसिटी एक्ट के अधीन अविधिक रूप से गिरफ्तार करवाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया गया । ऐसे ही एक प्रकरण में राज्य सरकार की एक महिला अधिकारी को समता आंदोलन के हस्तक्षेप के बाद अविधिक गिरफ्तारी से बचाया जा सका था।

पिछले दिनों से सोशियल मीडिया व अखबार में यह खबर चल रही है कि मेहरडा देश के प्रधानमंत्री व राजस्थान के नवनियुक्त मुख्यमंत्री से मिलकर स्वयं को राज्य का पुलिस महानिदेशक बनबाने का प्रयास कर रहे हैं । प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से विनम्र आग्रह है कि ऐसे जातिवादी अधिकारी को पुलिस महानिदेशक नियुक्त नहीं किया जाए । ज्ञापन देने में संभाग अध्यक्ष समता आंदोलन हेमराज गोयल, संभाग अध्यक्ष शिक्षा प्रकोष्ठ एडवोकेट ओमप्रकाश शर्मा, जिलाध्यक्ष केदार नाथ पाराशर, सचिव दिलीप कुलश्रेष्ठ,अध्यक्ष चिकित्सा प्रकोष्ठ डाक्टर सतीश पाराशर,सचिव शिक्षा प्रकोष्ठ अनिल गर्ग, वार्ड अध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा आदि अनेक समता आंदोलन के सदस्य व पदाधिकारी उपस्थित हुए।