न्यायाधीश के निरीक्षण में राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में मिली अव्यवस्थाएं
राजसमन्द । प्रसुति वार्ड, नवजात शिशुओं के लिये उपलब्ध सुविधाएं, चिकित्सक, मेडिकल स्टाफ, स्टाफ के लिए आवास व्यवस्था, नियमित पानी और बिजली व्यवस्था इत्यादि का जायजा लेने हेतु अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश मनीष कुमार वैष्णव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजसमंद ने दिनांक 09.01.2024 को रेलमगरा स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया गया।
प्राधिकरण सचिव श्री वैष्णव ने बताया कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के आदेशानुसार राजकीय अस्पताल रेलमगरा में मेटरनिटी होम का निरीक्षण किया उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में स्थित प्रसुति वार्ड का निरीक्षण कर प्रसुति वार्ड एवं लेबर रूम में रखी दवाईयों की जांच की। परिसर की सफाई व्यवस्था संतोषजनक नही पाई गई तथा जहां पानी पीने हेतु आरओ लगा हुआ है वहां पर भी सफाई व्यवस्था संतोषजनक नही पाई गई। महिला वार्ड में अटेच टॉयलेट उपलब्घ नही है। लेबर रूम व एसएनसीयू में दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है परन्तु अवधिपार दवाईयां में पाई गई।
लेबर रूम की सफाई व्यवस्था संतोषजनक नही पाई गई। अस्पताल प्रभारी श्री कमलेश कुमार बोहरा ने महिला प्रसुति रोग विभाग में 06 महिला नर्स का कार्यरत होना बताया। प्रसूति वार्ड में स्टॉफ की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर लगाना बताया। बच्चों हेतु उपलब्ध चार वार्मर उपलब्ध थे जिसकी जांच करने पर दो कार्यशील अवस्था में पाया गया। प्रसूति वार्ड के बिस्तर के चद्दर गंदी हालत में पाए गए। बिजली बन्द होने पर जनरेटर की व्यवस्था उपलब्ध है। ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध नही है, ना ही स्टोरेज की व्यवस्था है।
महिलाओं को जननी सुरक्षा के अंतर्गत आने वाली सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है उक्त योजनाओं के तहत वर्ष 2023-2024 में अब तक 600 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। हॉस्पीटल की सुरक्षा हेतु सुरक्षागार्ड की व्यवस्था उपलब्ध नही है। परिसर में लगे हुए सीसीटीवी केमरे कार्यशील अवस्था में नही पाए गए। अस्पताल प्रभारी ने चिकित्सक व नर्स स्टाफ हेतु पर्याप्त मात्रा में आवास उपलब्ध होना बताया।