जयपुर। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सोमवार को उडीसा स्थित चांदीपुर रेंज से सतह से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल के नए संस्करण आकाश प्राइम का पहला उड़ान परीक्षण किया। एक भारत की ऐसी मिसाइल है जिसे मोबाइल लॉन्चर से भी दागा जा सकता है।
आकाश प्राइम की खासियत
डीआरडीओ ने आकाश प्राइम की मारक क्षमता में कोई परिवर्तन नहीं किया है। यह मिसाइल आकाश की तरह 27-30 किमी तक दूर लक्ष्य को धवस्त कर सकती है। वहीं ये आकाश में लगभग 18 किमी की ऊंचाई जा सकती है। डीआरडीओ ने इसमें एक स्वदेशी सक्रिय रेडियो फ्रीक्वेंसी सिस्टम लगाय है जो जिससे हवाई लक्ष्यों को सटीक तरीके से हिट कर सकती है। इस संपूर्ण हथियार प्रणाली को एक मोबाइल प्लेटफॉर्म पर कॉन्फ़िगर किया गया है। एक पूर्ण आकाश मिसाइल प्रणाली में एक लांचर, मिसाइलों का सेट, एक नियंत्रण केंद्र, एक अंतर्निहित मिशन मार्गदर्शन प्रणाली और एक C4I केंद्र और राजेंद्र नामक रडार के साथ सहायक जमीनी उपकरण शामिल होते हैं। इसमें बिल्ट-इन इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटर मेजर्स हैं जो रडार से बचते हुए किसी भी लक्ष्य को हिट कर सकती है।
आपको जानकारी दे दें कि आकाश मिसाइल का विकास डीआरडीओ द्वारा 1981 में इंदिरा गांधी द्वारा शुरू किये एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम के तहत विकसित किया गया था। इस कार्यक्रम में आकाश के अलावा पृथ्वी, त्रिशूल, नाग,अग्नि मिसाइलों को विकतिस किया गया था। हिस्से के रूप में शुरू किया गया था।