पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार का बडा बयान, बोले वाम-कांग्रेस गठबंधन को लेकर मोदी हुए बेचैन
त्रिपुरा। त्रिपुरा में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पीएम मोदी अपनी पार्टी को जिताने के लिए ताबडतोड रैली कर रहे हैं। खासकर जब त्रिपुरा में कांग्रेस और सीपीआई ने गठबंधन कर लिया। अब त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और माकपा नेता माणिक सरकार ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनावी राज्य में "वाम-कांग्रेस गठबंधन को लेकर बेचैन" हो गए हैं।
पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार "संविधान का पालन नहीं कर रही है" और त्रिपुरा में "लोकतंत्र की हत्या" की है, उन्होंने कहा कि दो प्रतिद्वंद्वियों - वाम और कांग्रेस ने राज्य में "फासीवादी" शासन को समाप्त करने के लिए हाथ मिलाया है।
अनुभवी माकपा नेता ने यह भी कहा, "ऐसा प्रतीत होता है कि पीएम वाम-कांग्रेस गठबंधन को लेकर बेचैन हो गए हैं ... पूर्वोत्तर राज्य में लोकतंत्र की हत्या कर दी गई है और भाजपा पिछले पांच वर्षों के दौरान यहां संविधान का पालन नहीं कर रही है।" ये सब आपके इशारे पर हो रहा है। यह दावा करते हुए कि भाजपा के आदिवासी और गैर-आदिवासी वोट बैंक "चुनाव वाले राज्य में भारी रूप से नीचे चले गए हैं"।
उन्होने कहा कि “पीएम ने चुनावों के लिए चल रहे अभियान के लिए दो बार राज्य का दौरा किया है, लेकिन उन्होंने 2018 के विधानसभा चुनावों से पहले जारी किए गए विज़न डॉक्यूमेंट के कार्यान्वयन के बारे में उल्लेख करने से परहेज किया। चुनावी राज्य में अपने प्रचार के दौरान मोदी वादों पर खामोश रहते हैं।
सरकार ने यह भी दावा किया कि मतदाता पिछले पांच वर्षों में अपने वोट "नहीं डाल सके" और उनसे यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि वे 16 फरवरी के चुनावों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।