जयपुर। पंजाब में चल रहे नाटकीय घटनाक्रम के बाद अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पार्टी के कार्य करने के तरीके पर सवाल उठाने लगे हैं। बता दें कि कैप्टन अरमिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया जाने के बाद नवजोत ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने पार्टी को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंन प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पार्टी की कार्य करने के तरीके पर सवाल उठाये। इसके बाद कईं कांग्रेस नेताओं ने उनकी टिप्पणी पर विरोध दर्ज किया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके घर के बहार विरोध प्रदर्शन किया। सिब्बल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद 23 के समूह के एक साथी सदस्य गुलाम नबी आजाद ने सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा। आजाद और सिब्बल दोनों ने फिर से पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव और कांग्रेस कार्य समिति की बैठक की मांग की।
कपिल सिब्बल ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस को खुद से यह पूछने की जरूरत है कि नेता इसे क्यों छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी में, इस समय कोई अध्यक्ष नहीं है, इसलिए हम नहीं जानते कि ये निर्णय कौन ले रहा है। फिर भी कोई तो निर्णय ले रहा हेागा। संवाददाता सम्मेलन में सिब्बल ने कहा कि वह "बहुत भारी मन" के साथ खड़े हैं और "मैं अपनी पार्टी को आज की स्थिति में नहीं देख सकता। यह मेरा दिल तोड़ देता है"। उन्होंने कहा कि पंजाब में होने वाली घटनाओं से "आईएसआई और पाकिस्तान को फायदा होगा"। गांधी परिवार का लिय बिना सिब्बल ने कहा कि गोवा में लुइज़िन्हो फलेरियो, असम में सुष्मिता देव, मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उत्तर प्रदेश में ललितेश त्रिपाठी जो उनके खास थे , ने पार्टी को छोड दिया यह एक विडंबना है।