टोक्यो पैराओलंपिक में सुंदर सिहं गुर्जर से स्वर्ण की उम्मीद, देवेंद्र झाझरिया भी होंगे टक्कर में

जयपुर। टोक्यो पैराओलंपिक 24 अगस्त से स्टार्ट होने वाला है। और इस ओलंपिक में सबकी नजर एथेलीट सुंदरसिंह गुर्जर और देवेंद्र झाझरिया पर सबकी निगाहें जमी हुई हैं। सुंदरसिंह गुर्जर का यह दूसरा पैरा ओलंपिक होगा। वहीं, देवेंद्र के लिय यह चौ​था ओलंपिक है। पिछले पैरा ओलंपिक रियो में देवेंद्र झाझरिया ने स्वर्ण पदक जीता था। देवेंद्र झझरिया की इस बार तीसरे गोल्ड पर नजर रहेगी। वहीं, सुंदर सिहं गुर्जर रियो में समय पर प्रतियो​गिता में नहीं पहुंचने पर डिसक्वालिफाई कर दिये गये थे।

सुंदर गुर्जर पैरालंपिक में भाला फेंकने, शॉट पुटर और डिस्कस थ्रोअर F46 स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करते हैं। सुदंर गुर्जर ने पंचकूला में 16वीं पैरा एथलेटिक्स राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में तीन स्पर्धाओं में तीन स्वर्ण पदक जीतकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने पंचकुला में 16वीं पैरा एथलेटिक्स राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के दौरान 68.42 मीटर के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।

वहीं, देवेंद्र झझरिया ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि कि न तो एथेंस और न ही रियो आसान था और ऐसा ही टोक्यो होगा। "लेकिन पिछले कुछ वर्षों में मेरे दृष्टिकोण में बदलाव आया है जो अनुभव और सफलता से आता है जो मुझे वर्षों से मिला है।
राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार विजेता देवेंद्र झझरिया का कहना है, अब उनकी सफलता सिर्फ अपने बारे में नहीं है, बल्कि यह एक टीम प्रयास है। उन्होंने कहा, "मेरे कोच सुनील, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच लक्ष्य बत्रा और फिजियोथेरेपिस्ट बीरेन शाह ने टोक्यो में जगह बनाने और पदक के मजबूत दावेदार बनने के लिए काफी प्रयास किया है।" बता दें कि पैरालिंपियन का बायां हाथ लगभग कोहनी तक कटा हुआ है और भाला F46 स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करते हैं।