संवाददाता सुमेर सिंह राव
गुढागौड़जी।
कस्बे का 371वां स्थापना दिवस दिनांक 8 नवंबर 2021 विक्रमी संवत मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को गुढागौड़जी के सर्व समाज द्वारा झुंझार पोल पर हर्षोल्लास से मनाया गया। गुढागौड़जी की स्थापना विक्रमी संवत मिंगसर सुदी 1707 में झुंझार सिंह जी ने सर्व समाज को साथ लेकर की थी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा थे। अध्यक्षता पूर्व विधायक वीरेन्द्र प्रताप सिंह थे। विशिष्ट अतिथि टैगोर शिक्षण संस्थान के निदेशक डॉ. वीरपाल सिंह शेखावत गुढागौड़जी के सरपंच रामावतार दायमा थे। स्थापना दिवस समारोह में गुढागौड़जी कस्बे के सर्व समाज के बुजुर्गों व प्रतिभाओं का सम्मान राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने साफा पहनाकर किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद से संबोधित करते हुए राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि अगले बजट सत्र में गुढ़ागौड़जी को नगरपालिका क्षेत्र बना दिया जाएगा। इसके अलावा विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। सर्व समाज के जिन लोगों का सम्मान किया गया उनमें किशन सिंह, राधेश्याम जाजोदिया, विश्वंभर नांगलिया, चौथमल घोड़ेला, मनोहर मेघवाल, गणेशराम रसगनिया, लालचंद वाल्मीकि, नोरंग लाल सोनी, बनवारी लाल जांगिड़, दिनेश सैन, इंद्रजीत सिंह खरबास, बजरंग लाल गुर्जर, गफूर खान, राम सिंह मीणा, अरविंद सिंह, शिवराज सिंह, निखिल पोद्दार, बालेंद्र कलावत, मोहित सांखला, बबीता कंवर आदि का साफा/शाल पहनाकर सम्मान किया। इससे पूर्व राज्य मंत्री गुढ़ा का 51 किलो की माला पहनाकर सर्व समाज द्वारा सम्मान किया गया। साथ ही लोगो की मांग रही की पिछली सरकार के समय में समंन्वक ओकार सिंह लखावत मय टीम के साथ में गुढ़ा की पहाड़ी पर हरजी मल जी बाबा समाधि व गुढेश्वर महाराज की समाधि तक सड़क निर्माण की योजना बना कर गए थे जो राजकीय महाविद्यालय के पास से जाने की अनुशंसा जारी की गई थी। जो अभी तक क्रियान्वित नही हुई है। इसके लिए भी लोगों में काफी चर्चाएं रही। दूसरी तरफ पहाड़ी पर शिव मंदिर स्थापित ह वहा से सर्व समाज के शमशान घाट की पास से बावलिया बाबा के मंदिर तक सड़क निर्माण बीस सालों से अधूरा है। इस अवसर पर पूर्व उप जिला प्रमुख विद्याधर गिल, गुढ़ा उपसरपंच नवल सिंह, अमित ढेवा, आनंद बुगालिया, जयपाल जाखड़, डिप्टी सतपाल सिंह, सीआई देवी सिंह, बालेन्द्र कुमावत, रणवीर सिंह लीलां की ढाणी, विजेंद्र सिंह, प्रकाश नांगलिया, ईश्वर सिंह, विकास कलावत आदि उपस्थित थे।