संवाददाता शिवकुमार शर्मा
कोटा
कोटा 17 अगस्त कोटा उत्तर पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने तीन दिन से लापता युवक निखिल टेकवानी की कल मिली लाश पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे बिगड़ती कानून व्यवस्था का परिणाम बताया साथ ही कहा की निखिल टेकवानी की जली हुई लाश मिलना पूरी व्यवस्था के चेहरे पर बदनुमा दाग है।
गुंजल ने कहा कि प्रदेश की चौपट कानून व्यवस्था व पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते राजस्थान में अपराधों का ग्राफ निरंतर बढ़ता जा रहा है आज प्रदेश में हालात यह हो गए हैं कि यहां ना तो बेटियां सुरक्षित हैं और ना ही आमजन अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहा है। राजस्थान में रोजाना हो रही अपराधिक घटनाओं को देखते हुए लग रहा है कि प्रदेश में अपराधी निरंकुश हो गए हैं और पुलिस प्रशासन या तो अपराधियों के सामने लाचार हो गया है या पुलिस की लापरवाही ही अपराधों को बढ़ावा दे रही है।
गुंजल ने कहा कि एक नौजवान का अपहरण हो जाता है मां बाप फरियाद लेकर थाने में जाते हैं कहते हैं मेरे जवान बेटे का बदमाशों द्वारा अपहरण कर लिया गया है परंतु पुलिस साधारणसी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर इतिश्री कर लेती है। पीड़ित मां-बाप अपनी फरियाद लेकर थाने के दरवाजे पर बैठे रहते हैं परंतु उनकी सुनवाई नहीं होती है। लापरवाही की घोर पराकाष्ठा तो तब हो गई जब दो दिन तक पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई और अपराधी अपनी साजिश में कामयाब हो गए । आखिरकार तीन दिन बाद मां-बाप को मिली तो अपने नौजवान पुत्र की जली हुई लाश । यदि पुलिस द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही की गई होती तो शायद परिणाम ऐसा नहीं होता।
गुंजल ने कहा कि अपनी नाकामी को छुपाने के लिए 12 घंटे में ही घटना का खुलासा कर अपराधियों को गिरफ्तार करने का ढिंढोरा पीट पुलिस महकमा अपनी ही पीठ थपथपा रहा हो परंतु यदि ऐसी तत्परता पुलिस तीन दिन पहले दिखाती तो फरियाद लेकर पहुंचे मां-बाप को शायद अपने घर का चिराग नहीं खोना पड़ता।
गुंजल ने मुख्यमंत्री जी से मांग करते हुए कहा कि समय रहते पुलिस द्वारा आवश्यक कार्यवाही क्यों नहीं की गई, क्यों नहीं तुरंत नाकेबंदी की गई, कौन इसके लिए जिम्मेदार है अविलंब इसकी जांच कर दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए एवं इस पूरे प्रकरण में जो भी अधिकारी दोषी हो उसे बक्शा नहीं जाना चाहिए।
गुंजल ने प्रदेश के गृहमंत्री का जिम्मा संभाल रहे प्रदेश के मुखिया से मांग करते हुए कहा कि पूरे प्रकरण में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही होनी चाहिए जिससे पुलिस की लापरवाही पर अंकुश लगाया जा सके व भविष्य में होने वाली इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।