सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव की जयंती आज धूमधाम से मनाई जा रही है। पहले सिख गुरु नानक देव के जन्मदिन को प्रकाश पर्व या गुरुपरब कहा जाता है। गुरु नानक जयंती हर साल कार्तिक शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। गुरु नानक देव जी का जन्म कार्तिक पूर्णिमा को श्री ननकाना साहिब, पाकिस्तान में हुआ था। गुरु नानक देव के जन्मदिन को गुरु पर्व और प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है।
गुरु नानक जयंती या गुरुपर्व 8 नवंबर, 2022 को है. इसे गुरु नानक देव जी की 553 वीं जयंती के रूप में मनाया जाएगा. जहां दिवाली चंद्र कैलेंडर के अनुसार कार्तिक महीने के 15 वें दिन पड़ती है, वहीं गुरु नानक जयंती कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर रोशनी के त्योहार के पंद्रह दिन बाद पड़ती है. इस साल कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर, पूर्ण चंद्र ग्रहण लग रहा है.
नानक जी बचपन से ही अपना ज्यादातर समय चिंतन में बिताते थे। वे सांसारिक बातों का मोह नहीं रखते थे। नानक देव जी एक संत, गुरु और समाज सुधारक भी थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन मानव हित में समर्पित कर दिया था।
इस दिन सभी गुरुद्वारों में भजन, कीर्तन और लंगर का वितरण किया जाता है। प्रभात फेरी भी दिखाई दीं। हर कोई गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं से आता है। लोग अपने घरों और गुरुद्वारों को रोशनी से सजाते हैं। इस दिन लोग गुरु नानक जयंती की बधाई संदेश भेजकर अपने प्रियजनों, दोस्तों और रिश्तेदारों को शुभकामनाएं देते हैं।
आपको बता दें कि सिख धर्म को मानने वालों के लिए यह दिन खास होता है। इस दिन सिखों द्वारा बड़े पैमाने पर कई कार्यक्रम और नगर कीर्तन का आयोजन किया जाता है। इस दिन प्रभात फेरियां भी निकाली जाती है। लोग इस दिन गुरुद्वारों की सेवा करते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार गुरु नानक देव जी को सिख धर्म का प्रथम गुरु कहा जाता है। गुरु नानक देव जी की जयंती के उपलक्ष्य में गुरु नानक जयंती मनाई जाती है। इस पवित्र दिन पर लोग एक दूसरे को शुभकामनाएं भी भेजते हैं।