ज्ञानवापी कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक फैसला बताया
-पंडित संजय हरियाणा प्रदेश उपाध्यक्ष अखिल भारत हिंदू महासभा
मथुरा, अखिल भारत हिन्दू महासभा के उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित संजय हरियाणा ने आये ज्ञानवापी मामले में वाराणसी कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक फैसला बताया है। व्यास तहखाने में हिंदू पक्ष को पूजा करने का अधिकार मिला है। 7 दिन में जिला प्रशासन को व्यवस्था करने के आदेश दिए गए हैं । 1993 से बंद थी व्यास तहखाना में पूजा 31 सालों से व्यास तहखाने में बंद थी । पूजा पाठ शुरू करने के अदालत के निर्णय के आने से इस फैसले को अंतिम रूप से निर्णय करने में यह आदेश केस का टर्निंग प्वाइंट साबित होगा । पंडित संजय हरियाणा ने यह भी कहा कि 1 फरवरी 1986 को जस्टिस के एम पांडे ने राम मंदिर के ताले खोलने का आदेश दिया था ।
इस आदेश की तुलना को में राम जन्मभूमि के ताला खोलने के आदेश से तुलना करता हूं । यह दावा शैलेंद्र कुमार पाठक की ओर से पिछले साल 25 सितंबर को दाखिल किया गया था जिसमें कहा गया था की ज्ञानवापी के दक्षिण की मौजूद इमारत में तहखाना है। वह प्राचीन मंदिर के मुख्य पुजारी व्यास परिवार की मुख्य गददी है। इस बात के पर्याप्त साक्ष हैं कि वंशानुक्रम आधार पर पुजारी, व्यास जी ब्रिटिश शासन काल में भी वहां काबिज थे और दिसंबर 1993 तक वहां पूजा अर्चना की है। वहां हिंदू धर्म की पूजा से संबंधित सामग्री बहुत सी प्राचीन मूर्तियां और धार्मिक महत्व की अन्य सामग्री वहाँ मौजूद है।
इसी को आधार मानते हुए आज वाराणसी जिला जज महोदय ने ऐतिहासिक फैसला दिया है। यह हिंदू पक्ष की बहुत बड़ी जीत है, इस जीत को अखिल भारत हिंदू महासभा और उसके पदाधिकारी भगवान भोले शंकर का आदेश मानते हैं उन्हीं की मंशा के अनुरूप बहुत जल्द इस मुकदमे को भी अंतिम रूप से फैसला किया जायेगा,ऐसी उम्मीद सभी सनातनियों को हैं।