बीएड अभ्यर्थी को हाईकोर्ट का झटका, रीट लेवल-1 में नहीं होंगे शामिल 9 लाख अभ्यर्थी लेवल-1 से बाहर

जयपुर। बीएड डिग्रीधारियों के लाखों अभ्यर्थीयों को उस समय बड़ा झटका लगा जब हाई कोर्ट ने उन्हें रीट लेवल 1 से अयोग्य घोषित कर दिया। दरअसल काफी लम्बे समय से बीएसटीसी-बीएड विवाद चल रहा था। रीट परीक्षा होने से पहले बीएड धारियों को रीट लेवल 1 की परीक्षा देने के लिए तो अनुमति दे दी थी लेकिन मामला हाई कोर्ट में लम्बित रह रहा था। आज गुरुवार को हाईकोर्ट का बड़ा फैसला सुनाया। हाईकोर्ट ने रीट लेवल-1 में BSTC वाले अभ्यर्थियों को ही योग्य माना हैं। इसका असर यह हुआ कि अब रीट लेवल 1 की परीक्षा में शामिल हुए 9 लाख अभ्यथर्यी सीधे —सीधे बहार हो गये हैं। अब यह पद केवल BSTC योग्यताधारी से ही भरा जाएगा।

BSTC योग्यताधारी को होगा फायदा
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद बीएसटीसी वाले अभ्यर्थीयों के लिए रीट लेवल 1 में कॉम्पिटिशन कम हो जायेगा। जिससे बीएसटीसी वालों के लिए फायदा होगा और अध्यापक बनने के लिए जाने वाली अंतिम कट आफ पर बड़ा असर पड़ेगा। यानि की बीएड धारियों के बहार हो जाने से बीएसटीसी वालों की कट आफ कम जाने वाली है।

बता दें कि BSTC अभ्यर्थियों ने लेवल-1 से बीएड अभ्यर्थीयों बहार करने की याचिका दायर की थी। यह याचिका राजेन्द्र चोटिया और अन्य ने लगाई थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट ने तीन दिन रोजाना ढाई से तीन घंटे तक सुनवाई की। जिसके बाद कोर्ट ने ये फैसला सुनाया।