संवाददाता धर्मेन्द्र सुवालका
हिण्डोली बून्दी|
एक दशक से हिण्डोली ग्राम पंचायत को नगरपालिका का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर यहां के ग्रामीण आगे आ रहें हैं, लेकिन इस बार बजट में भी हिण्डोली को नगर पालिका का दर्जा नहीं मिला। जानकारी के अनुसार हिण्डोली ग्राम पंचायत काफी बड़ी होने के बाद भी यहां का विकास नहीं के बराबर है। यहां पर अव्यवस्थाओं का आलम होने से लोग परेशान हैं। तो वहीं 18 हजार से अधिक आबादी वाले ग्राम पंचायत में रोड़ लाईट तक नहीं है। वहीं सामुदायिक भवन, महिला शौचालय, सार्वजनिक स्थानों का अभाव है। यहां के लोग वर्ष 2010 से हिण्डोली ग्राम पंचायत को नगरपालिका बनाने की मांग करते आ रहे हैं। जिस पर वर्ष 2013-14 में तत्कालीन नगरी आवासीय मंत्री शांति धारीवाल ने हिण्डोली को नगर पालिका का दर्जा दिलाया था, लेकिन बाद में आई नई सरकार ने दर्जे को समाप्त कर दिया था। इस बार ग्रामीणों को आस जगी थी कि हिण्डोली को नगर पालिका का दर्जा मिलेगा, लेकिन बजट घोषणा में यह आस टूट गई। इससे यहां के लोगों में निराशा है। तो वहीं सूर्यमल मिश्रण विकास समिति, भाजपा व कांग्रेस सहित विभिन्न दलो के कार्यकर्ताओं का मानना है कि यहां पर नगरपालिका बनने पर कस्बे का विकास होगा।