मुस्लिम पक्ष की नहीं ऐतहासिक महाभारत काल लाक्षागृह हिन्दू पक्ष की जमीन - अखिल भारत हिन्दू महासभा

मथुरा, अखिल भारत हिन्दू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित संजय हरियाणा ने कोर्ट के फैसले को अभूतपूर्व क़रार दिया और कहा कि सनातन धर्म सबसे प्राचीन है और माना जाता है। यह बात १४००साल पहले के अल्पसंख्यक मुस्लिम समाज को अब समझ जाना चाहिए । महाभारत काल में पांडवों ने लाक्षागृह में समय गुजारा जहां कौरवों ने उनको मारने का षड्यंत्र रचा । यह ऐतिहासिक सच है जिसको झूठलाया नहीं जा सकता। फिर भी बरनावा निवासी मुकीम खान ने 1 अप्रैल 1970 मेरठ न्यायालय में दायर करते हुए लाक्षागृह गुरुकुल के संस्थापक ब्रह्मचारी कृष्ण दत्त महाराज को पक्षकार बनाते हुए दायर किया और दावा किया बरनावा में टीले पर करीब 36 बीघा जमीन है।

जिस पर लगभग 600 साल पहले हजरत बदरुद्दीन ने इबादत की और वही दफन हो गए जहां उनकी दरगाह बड़ा चबूतरा और मस्जिद थी। सैकड़ो वर्षों से लोगों के मरने पर वही उनको दफन किया जाता रहा कब्रिस्तान तिल दरगाह मखदूम शाह बिलायत साहब के नाम से मशहूर है और वह इसके  मुतवलली है । हिंदू पक्ष ने राजस्व विभाग का रिकॉर्ड उपलब्ध कराया कि यह लाक्षागृह है यहां  शिव मंदिर, लाखामंडप (लाक्षागृह) साबित करने के लिए सबूत के तोर पर,खसरे की नकल, जिल्द बंदोबस्त, गैलन साहब तहसीलदार और नायब तहसीलदार सरधना की रिपोर्ट ,एसडीओ के फैसले की प्रति, विद्युत का बिल, नक्शा एएसआई की सर्वे रिपोर्ट आदि के अलावा एएसआई के कपूर बरनावा के लेखपाल बलवीर सिंह के अलावा चंदा सिंह लख्मीचंद जयवीर सिंह शास्त्री राजपाल त्यागी आदेश शर्मा विजयपाल की गवाही कराई । जो मुकदमे में निर्णायक साबित हुई।इसके अलावा पंडित संजय हरियाणा ने बताया 31 मार्च 1970 में इस बाद सुनवाई 2024 को पूरी हुई करीब 875 तारीख इस मुकदमे में लगी।  मंगलवार के दिन केस दर्ज हुआ और फैसला सोमवार के दिन आया ।।सोमवार भगवान् भोलेनाथ का दिवस माना जाता है,इसलिए फैसला में भी इच्छा भगवान भोलेनाथ की रही।  और मुकदमा हिन्दू पक्ष में गया।

पंडित संजय हरियाणा ने यह भी बताया कि 1997 में मेरठ को विभाजित कर बागपत को जब जिला बनाया गया तो यह  मुकदमा बागपत की न्यायालय में ट्रांसफर हो गया दोनों ही जनपदों में करीब 27--27 साल मुकदमा चला । न्यायालय ने अंतिम तौर पर अपने निर्णय में लिखा यह कब्रिस्तान नहीं महाभारत काल का लाक्षागृह है । 53 साल बाद आई फैसले में हिंदू पक्ष की जीत हुई है । निश्चित तौर पर राम जन्म भूमि के पक्ष और काशी विश्वनाथ में पूजा के फैसले के पश्चात आज इस फैसले के आने से निश्चित तौर पर जो भी पुरानी मस्जिदें और कब्रिस्तान जो मंदिर तोड़कर बनाए गए हैं ।।उन पर भी हिंदू पक्ष दावा दायर करेगा ऐसा अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय हरियाणा ने कहा करीब लाखों मंदिरों को तोड़कर मस्जिद बनाई गई है जिनका अपने मंदिर की शक्ल में आना जरूरी है । जब धार्मिक आधार देश का बंटवारा हुआ तो निश्चित तौर पर मुस्लिम पक्ष को यहां इस देश में कुछ नहीं मिलना चाहिए था । लेकिन एक कांग्रेस पार्टी के कारण आज मुसलमान को यहां अल्पसंख्यक का दर्जा भी आजादी के कुछ वर्षों बाद दिया गया इसमें भी कांग्रेस की रजामंदी थी बाकी और कोई पक्ष उसके लिए तैयार नहीं था।

उत्तर प्रदेश के मीडिया प्रभारी पंडित रजत शर्मा इस फैसले से हिन्दू पक्ष अन्य जगहों की लिस्ट तैयार कर रहा है।एक मुकदमा  न्यायालय में अखिल भारत हिंदू महासभा निर्धारित किया है जिसमें ताजमहल के अंदर शाहजहां के तीन दिवसीय उर्स मेले को करने के लिए उसे पर रोक लगाने की मांग न्यायालय से की गई है अमीन के जरिए प्रति को नोटिस भेजे जाने के आदेश हुई है और निश्चित तौर पर भविष्य में ऐसे मुकदमों की संख्या बढ़ेगी जो सनातन संस्कृति और सनातन धर्म के अनुरूप होंगे उसे कार्य को अखिल भारत हिन्दू महासभा  करेगी।